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Rajasthan News: माउंट आबू में श्रीराम की 5500 साल पुरानी प्रतिमा, तपस्वी के वेश में हैं विराजमान; मान्यता यह

Fri, 03 Jan 2025 11:02 AM IST
सिरोही ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिरोही

राजस्थान के सिरोही जिले में स्थित हिल स्टेशन माउंट आबू केवल एक प्रमुख पर्यटन स्थल ही नहीं, बल्कि एक प्राचीन तपोभूमि भी है। यहां कई ऐसे धार्मिक स्थल हैं जो अपनी विशिष्ट पहचान और आध्यात्मिक महत्व के लिए प्रसिद्ध हैं। इन्हीं में से एक है नक्कीलेक के पास स्थित सर्वेश्वर रघुनाथ मंदिर।

सर्वेश्वर रघुनाथ मंदिर की खासियत यह है कि यहां भगवान श्रीराम तपस्वी वेश में विराजमान हैं और उनकी पूजा अकेले की जाती है। इस मंदिर में भगवान श्रीराम के साथ न माता सीता हैं, न ही भाई लक्ष्मण। यह मंदिर भगवान राम के इस रूप की पूजा के लिए विश्व में एकमात्र स्थान होने का दावा करता है।
 
मंदिर का निर्माण 14वीं शताब्दी में पंडित रामानंदाचार्य द्वारा किया गया था। मंदिर में भगवान राम की स्वयंभू मूर्ति स्थापित है, जो 5500 साल पुरानी मानी जाती है। मूर्ति भगवान राम के आकर्षक रूप का दर्शन कराती है। यहां हर साल रामनवमी पर भव्य मेले का आयोजन होता है।

पर्व और उत्सव रामनवमी: मंदिर में हर साल रामनवमी पर मेला लगता है और बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। पाटोत्सव: यह उत्सव बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। दशहरा और दीपावली: दशहरे पर मंदिर में दीप जलाए जाते हैं और भगवान राम की विजय का पर्व दीपावली के समान हर्षोल्लास से मनाया जाता है। अगले दिन भगवान राम का राजतिलक होता है।
मंदिर को लेकर यह हैं मान्यताएं
मंदिर से जुड़ी मान्यताओं के अनुसार यह रामानंद संप्रदाय की तपसी शाखा का उद्गम पीठ है। मंदिर में भगवान राम तपस्वी के वेश में विराजमान हैं, उनकी पूजा रामानंद संप्रदाय के साधु ही करते हैं। मंदिर परिसर में एक प्राचीन रामकुंड है, जिसका पानी कई रोगों से मुक्ति दिलाने और मानसिक शांति देने वाला माना जाता है। मान्यता है कि यहां भगवान राम ने स्नान किया था। ऐसे में लोग इसे भगवान राम का प्रसाद ही मानते हैं।  

क्या है माउंट आबू का प्राचीन नाम  
माउंट  आबू को प्राचीन काल में अर्बुदांचल या अर्बुदारण्य कहा जाता था। पौराणिक कथाओं के अनुसार, जब वशिष्ठ ऋषि का विश्वामित्र से मतभेद हुआ तो वे माउंटआबू के दक्षिणी भाग में आकर बस गए। यहां उन्होंने पृथ्वी से असुरों के विनाश के लिए यज्ञ किया।

कैसे पहुंचे माउंटआबू रेल मार्ग: दिल्ली, जयपुर, मुंबई, बैंगलोर, बीकानेर, पुणे, चंडीगढ़, आगरा और जम्मू से ट्रेनों द्वारा आबूरोड स्टेशन तक पहुंचा जा सकता है। वहां से बस या टैक्सी द्वारा माउंटआबू पहुंचा जा सकता है। सड़क मार्ग: उदयपुर, अहमदाबाद, और जोधपुर से बस और टैक्सी के जरिए माउंटआबू पहुंचने की सुविधा है। हवाई मार्ग: निकटतम हवाई अड्डे उदयपुर, अहमदाबाद और जोधपुर हैं। जहां से सड़क या ट्रेन मार्ग से माउंटआबू पहुंचा जा सकता है। 

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