आबूरोड के आकराभट्टा स्थित सरकारी अस्पताल में शनिवार को डिलेवरी के बाद प्रसूता की तबियत बिगड़ जाने से मौत हो गई। नाराज लोगों ने अस्पताल प्रशासन पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। ये लोग मृतका का मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाने एवं दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई करवाने की मांग कर रहे थे।
सूचना मिलने पर आबूरोड सदर पुलिस थानाधिकारी राजीव भादू एवं आबूरोड शहर पुलिस थानाधिकारी बंशीलाल अपने सहयोगियों के साथ यहां पहुंचे तथा हंगामा कर रहे लोगों की समझाइश की, लेकिन, वे नहीं माने। माउंटआबू एसडीएम गौरव रविंद्र सालुखे के आश्वासन के बाद ही लोगों का आक्रोश शांत हुआ। फिलहाल मृतका का शव को मोर्चरी में रखवाया गया है, कल रविवार को मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाने के बाद अग्रिम आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
इस मामले की जानकारी मिलने पर पूर्व नगरपालिका उपाध्यक्ष गणेश आचार्य, हरेंद्रसिंह राठौड़ एवं भाजयुमो के दिपेश सिंघल सहित कई जनप्रतिनिधि भी अस्पताल पहुंचे तथा प्रभारी डॉ. पीएन गुप्ता से बातचीत के दौरान लापरवाही बरतने पर रोष जताया गया। इस दौरान इनका कहना था कि जब डिलेवरी के बाद प्रसूता की तबियत बिगड़ गई थी तो उसे क्यों रोककर रखा गया। पहले ही रेफर क्यों नहीं कर दिया गया। 108 एंबुलेंस चालक के प्रसूता को सरकारी अस्पताल ले जाने के बजाय हार्दिक हॉस्पिटल ले जाने पर भी जनप्रतिनिधियों द्वारा नाराजगी जताई गई।
वहीं इस मामले में नयाखेड़ा पीएस आबूरोड रीको निवासी अनिल कुमार चौधरी पुत्र रामेश्वर चौधरी ने रिपोर्ट दर्ज करवाई कि शनिवार को वे सवेरे 6.30 बजे उसकी चचेरी पुत्री दीपिका कुमारी को प्रसव के लिए आकराभट्टा सरकारी अस्पताल लेकर गए थे। इस दौरान उसका भतीजा दीपक एवं उसकी मां भी साथ थी। दीपिका ने सवेरे 6:48 बजे एक पुत्री को जन्म दिया तब तक उसकी तबीयत अच्छी थी, लेकिन, प्रसव पीड़ा के बाद दीपिका की तबियत ज्यादा खराब हो गई।
करीब 8.30 बजे उसे अस्पताल से सिरोही के लिए रेफर कर दिया गया, लेकिन रास्ते में उसकी तबीयत ज्यादी खराब हो गई तब उसे वापस आबूरोड लेकर आए, जहां हार्दिक हॉस्पिटल में उसकी मौत हो गई। रिपोर्ट में अस्पताल प्रशासन पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की गई। इस मामले में अस्पताल प्रशासन का पक्ष जानने के लिए प्रभारी अधिकारी डॉ. गुप्ता के मोबाइल पर लगातार तीन बार संपर्क किया गया लेकिन, उन्होंने कॉल अटेंड नहीं किया।