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Rajsamand News: द्वारिकाधीश मंदिर में राल दर्शन शुरू, 50 फीट ऊंची अग्नि लपटों के साक्षी बने श्रद्धालु

Wed, 04 Feb 2026 03:19 PM IST
राजसमंद ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, राजसमंद

जिले के कांकरोली स्थित श्री द्वारिकाधीश मंदिर में मंगलवार रात्रि से परंपरागत राल दर्शन की शुरुआत हो गई। इस अवसर पर द्वारिकाधीश प्रभु के समक्ष दो विशाल मशालों पर राल उड़ाई गई, जिससे आकाश में करीब 50 फीट तक ऊंची आग की लपटें उठती दिखाई दीं। इस अलौकिक दृश्य के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर परिसर में उमड़ पड़े। मंदिर परंपरा के अनुसार होली दहन तक कुल सात बार राल दर्शन कराए जाएंगे। राल दर्शन के दौरान मंदिर परिसर में गुलाल और अबीर उड़ने से वातावरण भक्तिरस और उल्लास से सराबोर हो गया।

करीब 350 वर्षों से चली आ रही इस अनूठी परंपरा के पीछे गहरी धार्मिक मान्यताएं जुड़ी हुई हैं। मंदिर सेवा से जुड़े राजकुमार गौरवा ने बताया कि राल दर्शन भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का प्रतीक है। मान्यता है कि जब भगवान श्रीकृष्ण गायों को चराने जंगल जाते थे, तब उठने वाली अग्नि की लपटों को वे अपने मुख में समाहित कर लेते थे। राल दर्शन उसी दिव्य लीला का सजीव प्रतीक माना जाता है।

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धार्मिक महत्व के साथ-साथ राल दर्शन का वैज्ञानिक और सामाजिक पक्ष भी बताया जाता है। ऋतु परिवर्तन के समय संक्रमण और बीमारियों से बचाव के लिए राल उड़ाई जाती है, जिससे अग्नि की ऊष्मा वातावरण को शुद्ध करती है। राल महोत्सव के दर्शन के लिए गुजरात, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश सहित विभिन्न राज्यों और जिलों से श्रद्धालु बड़ी संख्या में द्वारिकाधीश मंदिर पहुंच रहे हैं।

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