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Nagaur News: स्कूल के बच्चों को लेकर आ रही पिकअप अचानक पलटी, 44 घायल इलाज जारी; क्या लापरवाही है वजह?

Mon, 26 Jan 2026 10:14 PM IST
नागौर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नागौर

गणतंत्र दिवस के उत्सव के बाद लौटते समय राजस्थान के नागौर जिले में एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा हुआ। डीडवाना के खरवलिया के पास सोमवार दोपहर करीब 12:15 बजे मंडूकरा गांव के सरकारी स्कूल से गणतंत्र दिवस कार्यक्रम देखकर लौट रहे बच्चों से भरी एक पिकअप वाहन अचानक पलट गई।

इस हादसे में करीब 50 बच्चे सवार थे, जिनमें से 44 घायल हो गए। परिजनों का आरोप है कि प्रिंसिपल की लापरवाही से हादसा हुआ। पिकअप सरकारी स्कूल का टीचर संतोष चला रहा था। सभी घायलों को पहले छोटी खाटू के राजकीय अस्पताल ले जाया गया था। लेकिन वहां संसाधनों की कमी के चलते डीडवाना भेजा गया।

मामला डीडवाना के खरवलिया के पास का सोमवार दोपहर 12:15 बजे का है। घटना की सूचना पर भाजपा नेता जितेंद्र सिंह जोधा, एडीएम मोहन लाल खटवनालिया और डीटीओ सुप्रिया बिश्नोई जिला अस्पताल पहुंचे हैं। वहीं जिला अस्पताल में रिस्पांस टीमें तैयार हैं और बच्चों का इलाज किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, एक ही पिकअप में 50 बच्चों को ठूंस-ठूंस कर भरा गया था। सभी बच्चे भवाद गांव के रहने वाले हैं। मंडूकरा गांव के सरकारी स्कूल में कार्यक्रम देखकर लौट रहे थे।

निजी अस्पताल जाकर करवाना पड़ा सिटी स्कैन 
डीडवाना जिला अस्पताल होने के बावजूद यहां सिटी स्कैन की व्यवस्था नहीं होने से कई घायलों को निजी केंद्रों पर जाकर सिटी करवानी पड़ी जिसकी वजह से लोगों को आर्थिक भार के साथ-साथ अस्पताल परिसर के बाहर ले जाने और लाने से असुविधा भी हुई।

पूर्व विधायक बोले- ये प्रशासन की अनदेखी
हादसे के बाद पूर्व विधायक चेतन डूडी अस्पताल पहुंचे हैं उन्होंने बच्चों से मिलकर उनके हाल जाने।मामले को लेकर चेतन डूडी ने कहा- ये स्कूल और प्रशासन दोनों की गलती है।उन्हें इस तरह की ड्राइविंग करते हैं उन्हें रोकना चाहिए। सरकार नहीं चेतती है तो भारी हानि हो सकती है।गनीमत रही कि बच्चों को ज्यादा चोट नहीं आई। अस्पताल में सर्जिकल वॉर्ड में बैड कम पड़ गए हैं। ऐसे में, एक-एक बेड पर 2-2 घायल बच्चों को लेटाया गया है।

प्रत्यक्षदर्शी बोले- पिकअप रास्ते में पलटी हुई थी 
मौके पर बच्चों के पास सबसे पहले पहुँचने वाले डॉ. दिलीप चौधरी ने बताया- हम पिकअप के पीछे ही आ रहे थे।हमने देखा कि रास्ते में पिकअप पलटी हुई है और बच्चों में चीख पुकार मची थी। जितने भी बच्चे हमारी कार में आ सकते थे उन्हें लेकर हम रवाना हो गए।

गांव में डीप एरिया में चलती थी पिकअप 
डीडवाना डीटीओ सुप्रिया बिश्नोई का कहना है कि यह पिकअप काफी डीप एरिया में चल रही थी।इसे लेकर ऐसी कोई शिकायत भी नहीं आई थी। रूटीन में हम बाल वाहिनियों के खिलाफ तो कार्रवाई करते हैं, लेकिन क्योंकि यह बाल वाहिनी भी नहीं है।

डीडवाना थानाधिकारी राजेंद्र कमांडो मौके पर मौजूद हैं और पुलिस के जवान भी घायलों को वार्डों में पहुंचाने में सहायता कर रहे हैं।भाजपा जिलाध्यक्ष सुनीता रान्धड़ भी घटना की जानकारी मिलने के बाद डीडवाना पहुंची हैं। वे छोटी खाटू में आचार्य महाश्रमण के कार्यक्रम में हिस्सा ले रही थी वहां घटना की जानकारी मिलने के बाद डीडवाना जिला अस्पताल पहुंची हैं।अस्पताल में भारी भीड़ जमा हो गई है।

परिजन प्रभु सिंह ने बताया कि बच्चों को रोजाना भेड़-बकरियों की तरह पिकअप में डालकर ले जाता है। प्रिंसिपल 10-20 हजार के लालच में बच्चों की जान लेना चाहता था। भवाद सरकारी स्कूल का टीचर संतोष कुमार गाड़ी चला रहा था। ड्यूटी टाइम में वह दूसरी जगह से पिकअप लेकर आया। उसे खुद गाड़ी चलानी नहीं आती। उसे सस्पेंड करना चाहिए।

यह हुए घायल 
सोनू (पुत्री भंवरलाल, 14 वर्ष)
मनीषा (पुत्री भेरुराम, 13 वर्ष)
बीना (पुत्री ओंकारमल, 14 वर्ष)
छोटू (पुत्र बजरंग सिंह, 15 वर्ष)
मोनिका (पुत्री छोटूराम, 15 वर्ष)
राहुल (पुत्र भेरुनाथ, 15 वर्ष)
अंकित (पुत्र इन्द्रराज, 14 वर्ष)
पिंकू (पुत्र श्रीराम, 15 वर्ष)
विक्कू (पुत्र जेठाराम, 17 वर्ष)
पूजा (पुत्री गोरखाराम, 16 वर्ष)
निरमा (पुत्री चैनसिंह, 16 वर्ष)
मनीषा (पुत्री किसनाराम, 16 वर्ष)
अन्जू कंवर (पुत्री बजरंगसिंह, 15 वर्ष)
माया (पुत्री जवाननाथ, 16 वर्ष)
निरमा कंवर (पुत्री बलवीर सिंह,
15 वर्ष तन्नु कंवर (पुत्री रामसिंह, 15 वर्ष)
रेणुका (पुत्री मनोहर नाथ, 15 वर्ष)
सुनीता (पुत्री दुर्गाराम, 13 वर्ष)
अनिता (पुत्री कानाराम, 14 वर्ष)
अन्जू (पुत्री हाकिम खान, 15 वर्ष)
देवेन्द्र (पुत्र भंवरलाल, 15 वर्ष)
मनीषा (पुत्री शेराराम, 15 वर्ष)
शारदा (पुत्री हुकमाराम, 16 वर्ष)
करीना (पुत्री रामूराम, 15 वर्ष)
अंशिका (पुत्री प्रभुसिंह, 11 वर्ष)
पिंकू (पुत्र इन्द्रराज, 16 वर्ष)
आरती (पुत्री महेन्द्र सिंह, 15 वर्ष)
अन्जली (पुत्री गोविन्द सिंह, 15 वर्ष)
कोमल (पुत्री जेठाराम, 15 वर्ष)
दुर्गा (पुत्री साजन सिंह, 15 वर्ष)
जसवंत (पुत्र भगवानाराम, 10 वर्ष)
अमन (पुत्र राजू सिंह, 12 वर्ष)
प्रियंका (पुत्री भंवरलाल, 15 वर्ष)
दीपा (पुत्री ओमाराम, 15 वर्ष)
मोनिका (पुत्री कानसिंह, 15 वर्ष)
सोनू (पुत्र गणेशाराम, 15 वर्ष) को जयपुर रेफर किया गया है।
विक्कू (पुत्र बाबूलाल, 15 वर्ष)
निशा (पुत्री राजुराम, 9 वर्ष)
गुडी (पुत्री भगवानाराम, 17 वर्ष)
नरेश (पुत्र आशाराम, 13 वर्ष)
दुर्गा (पुत्री साजन सिंह, 15 वर्ष)
जसवंत (पुत्र भगवानाराम, 10 वर्ष)
अमन (पुत्र राजू सिंह, 12 वर्ष

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