इंदौर से कोटा की ओर आ रही एक निजी बस में अचानक आग लगने से यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। बस चालक ने किसी तरह आग पर काबू पाया लेकिन इसके बाद बस के ब्रेक फेल हो गए। बार-बार तकनीकी खराबी आने के कारण बस में सवार 30 से अधिक यात्रियों की जान खतरे में पड़ गई। यह घटना जिले के मंडाना क्षेत्र में सामने आई है। राहत की बात यह रही कि बस में सवार सभी यात्री सुरक्षित हैं।
बस में मौजूद यात्रियों ने बताया कि जैसे ही बस कोटा-झालावाड़ हाईवे पर मंडाना टोल प्लाजा के पास पहुंची, बस के अंदर से प्लास्टिक जलने जैसी दुर्गंध आने लगी। यात्रियों ने तुरंत चालक को इसकी सूचना दी और बस को रुकवाया। नीचे उतरकर देखा गया तो बस के पिछले दोनों टायरों के बीच से धुआं उठ रहा था और आग लगने की स्थिति बन गई थी। इससे यात्रियों में दहशत फैल गई और सभी लोग बस से उतर गए।
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इसी दौरान बस चालक ने आग की चिंगारियों पर काबू पा लिया लेकिन यात्रियों ने बस में दोबारा बैठने से इंकार कर दिया। यात्रियों का आरोप है कि उन्होंने इस घटना की सूचना नवरंग ट्रेवल्स के हेड ऑफिस को कई बार फोन कर दी लेकिन वहां से कोई जवाब नहीं मिला और न ही वैकल्पिक बस की व्यवस्था की गई।
कुछ दूरी आगे बढ़ने पर बस के ब्रेक फेल हो गए, जिससे यात्रियों का डर और बढ़ गया। इसके बाद यात्रियों ने बस में बैठने से साफ मना कर दिया। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि मंडाना टोल प्लाजा के पास बस की मोबाइल चार्जिंग लाइन में फॉल्ट आ गया था, जिससे चिंगारी उठने लगीं। बाद में बस को पूरी तरह ठीक करवाने के बाद ही आगे के लिए रवाना किया गया। यात्रियों ने निजी बसों की तकनीकी जांच और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है।