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Rajasthan News: कोटा में स्कूल निर्माण में घटिया सामग्री का खुलासा, ऊर्जा मंत्री हीरालाल ने की सख्त कार्रवाई

Thu, 16 Oct 2025 09:41 PM IST
कोटा ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटा

झालावाड़ हादसे के बाद भी शिक्षा विभाग और निर्माण एजेंसियों की लापरवाही पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। कोटा जिले के सांगोद विधानसभा क्षेत्र में स्कूल निर्माण में घटिया सामग्री के इस्तेमाल का मामला सामने आने पर ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने मौके पर पहुंचकर अधिकारियों की क्लास लगा दी। मंत्री नागर ने स्वयं स्कूल भवन की छत की जांच कर सीमेंट की जगह मिट्टी और बजरी की जगह क्रशर डस्ट का प्रयोग पाया।
 
ग्रामीणों की शिकायत पर पहुंचे मंत्री, खुद करवाई जांच
ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर देर रात झाड़ आमली गांव पहुंचे, जहां जनचौपाल के दौरान ग्रामीणों ने स्कूल की छत में घटिया निर्माण की शिकायत की। जब मंत्री ने अधिकारियों से पूछताछ की, तो बताया गया कि छत की शिकायत के बाद उसे तोड़कर दोबारा बनवा दिया गया है। इस पर मंत्री ने तुरंत स्कूल भवन पहुंचकर स्वयं जांच की। उन्होंने सरिया से छत की परत खुदवाकर देखा तो पाया कि उसमें सीमेंट की मात्रा बेहद कम और मिट्टी अधिक थी, जबकि बजरी की जगह क्रशर डस्ट का इस्तेमाल किया गया था।
 
सैंपल जांच के लिए भेजे, छत तोड़कर दोबारा निर्माण के निर्देश
मंत्री नागर ने मौके से ही निर्माण सामग्री के सैंपल लेकर पीडब्ल्यूडी प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजे। उन्होंने तत्काल प्रभाव से छत को तोड़कर पुनर्निर्माण करने के आदेश दिए। मंत्री ने कहा कि बच्चे देश का भविष्य हैं, उनके जीवन और सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। पिछले वर्षों में भी कई स्कूल भवनों को खराब निर्माण के कारण अनुपयोगी घोषित करना पड़ा, अब ऐसी स्थिति दोबारा नहीं आने दी जाएगी।

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ठेकेदार कंपनी पर कार्रवाई, अधिकारी भी जांच के घेरे में
मंत्री नागर ने कहा कि जहां भी घटिया निर्माण के मामले सामने आएंगे, वहां निर्माण कार्य ध्वस्त कर ठेकेदार कंपनी को ब्लैकलिस्ट किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस नीति पर काम कर रही है। यदि अधिकारियों द्वारा लीपापोती की गई, तो थर्ड पार्टी जांच कराई जाएगी और जिम्मेदार अधिकारी भी कार्रवाई के दायरे में आएंगे।
 
चार करोड़ की लागत से बन रहा था स्कूल भवन
ग्राम झाड़ आमली में करीब 4 करोड़ रुपये की लागत से स्कूल भवन का निर्माण कार्य चल रहा था। ग्रामीणों ने पहले भी घटिया निर्माण की शिकायत समसा अधिकारियों से की थी, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। जब मंत्री नागर मौके पर पहुंचे, तो अधिकारियों का झूठ सामने आ गया। उन्होंने कहा था कि छत दोबारा बनवा दी गई है, जबकि जांच में सामने आया कि पुरानी छत पर ही पिलर लगाकर आगे का निर्माण शुरू कर दिया गया था।

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