अमर उजाला पर खबर प्रकाशित होते ही मैंने पढ़ी और मेरे अधीन क्षेत्र में आने वाले सभी 15 पैथोलॉजी लैब, सोनोग्राफी सेंटर और हॉस्पिटलों की जांच की। इसमें मुझे नवजीवन हॉस्पिटल जो फॉर्मासिस्ट चला रहे थे, दूसरा हॉस्पिटल संजीवनी, जिस पर मुझे कोई डॉक्टर कंपाउंडर नहीं मिला। तीसरा हॉस्पिटल सैनी था, जिस पर कुछ कमियां थी। 15 लैब और तीन हॉस्पिटल को सात दिवस का नोटिस दिया गया है। सात दिवस में अगर यह अपने दस्तावेज पेश नहीं करते हैं तो इन पर सीज की कार्रवाई की जाएगी। ...मुकेश भूपेश, ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी (उदयपुरवाटी)