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झालावाड़ में बड़ी कार्रवाई: चिन्टा गैंग का सरगना अरशद अयूब राजपासा में निरुद्ध, 14 साल से था सक्रिय; जानें

Thu, 30 Apr 2026 03:57 PM IST
झालावाड़ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, झालावाड़

झालावाड़ जिले में अपराध नियंत्रण के लिए पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चिन्टा गैंग के सरगना चिन्टू उर्फ चिन्टा उर्फ अरशद अयूब को राजस्थान समाज विरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम (राजपासा) के तहत निरुद्ध कर दिया है। यह झालावाड़ पुलिस की राजपासा के तहत चौथी कार्रवाई है, जिससे क्षेत्र में कानून व्यवस्था को लेकर सख्त संदेश गया है।

पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने बताया कि जिला कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अजय सिंह राठौड़ ने 11 दिसंबर 2025 को राजपासा एक्ट के तहत कार्रवाई के आदेश जारी किए थे। इसके बाद 27 अप्रैल 2026 को पुलिस ने आरोपी के खिलाफ इस्तगासा पेश किया और आदेश जारी होने पर उसे जिला कारागृह झालावाड़ में निरुद्ध कर दिया गया।

पुलिस के अनुसार, आरोपी चिन्टू उर्फ चिन्टा उर्फ अरषद अयूब वर्ष 2011 से 2025 तक लगातार गंभीर आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहा है। उसके खिलाफ चोरी, मारपीट, हत्या का प्रयास, अपहरण, डकैती की योजना, अवैध हथियार तस्करी और गैंगरेप जैसे संगीन मामले दर्ज हैं। वह कोतवाली थाना का हिस्ट्रीशीटर और जिला स्तर का हार्डकोर अपराधी है।

पढ़ें: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर सख्ती: अब से लेन ड्राइविंग सिस्टम लागू, नियम तोड़ने वालों पर होगा ऑनलाइन चालान

आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर गैंग बना रखा था और लंबे समय से क्षेत्र में दहशत फैला रखी थी। आम लोग उसके खिलाफ शिकायत करने से डरते थे और गवाह भी अदालत में बयान बदल देते थे, जिससे उसे बार-बार राहत मिल जाती थी।

पुलिस ने बताया कि आरोपी के खिलाफ पहले निगरानी, हिस्ट्रीशीट खोलने और अन्य निरोधात्मक कार्रवाई की गई, लेकिन उसकी आपराधिक प्रवृत्ति में कोई सुधार नहीं हुआ। ऐसे में सामान्य कानूनी कार्रवाई अपर्याप्त साबित होने पर राजपासा जैसे सख्त कानून का सहारा लेना पड़ा।

पुलिस प्रशासन का कहना है कि इस कार्रवाई का उद्देश्य क्षेत्र में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखना तथा आमजन में विश्वास कायम करना है। आरोपी को जिला कारागृह झालावाड़ में निरुद्ध किया जा चुका है। स्थानीय लोगों के बीच इस कार्रवाई को लेकर चर्चा है। उनका कहना है कि राजपासा जैसी सख्त कार्रवाई पहले कम देखने को मिली है और इससे अपराधियों के खिलाफ सख्त संदेश गया है।

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