जयपुर में कल हुई भारी बारिश के कारण दशहरे के लिए रावण के पुतले बनाकर आजीविका कमाने की उम्मीद लगाए बैठे कारीगरों की मेहनत पर पानी फिर गया है। हालात ये हैं कि मानसरोवर स्थित रावण मंडी की हर दुकान को लगभग डेढ़ लाख रुपये का नुकसान हुआ है।
ज़्यादातर रावण के पुतले बनाने वाले मौसमी मज़दूर हैं और पिछले दो महीनों से इन्हें बनाकर बेच रहे हैं। इन कारीगरों के सामने एक बड़ी समस्या ये है कि भारी बारिश के कारण न सिर्फ़ उनके रावण के पुतले पानी से खराब हुए हैं, बल्कि जिन लोगों से उन्होंने रावण के पुतले किराए पर लिए थे, वे भी अपनी डिलीवरी मांग रहे हैं।
जिन लोगों ने 10,000 रुपये एडवांस लिए थे, वे अपने रावण के पुतलों की डिलीवरी मांग रहे हैं। दशहरे में अब सिर्फ़ 24 घंटे बचे हैं, ऐसे में इन कारीगरों के सामने एक बड़ी समस्या ये है कि नया रावण कैसे बनाकर उन तक पहुँचाया जाए। अकेले जयपुर के मानसरोवर इलाके में ही रावण के पुतलों को लगभग 25 से 30 लाख रुपये का नुकसान हुआ है।
अगर पूरे जयपुर की बात करें तो यह आंकड़ा लगभग 50 लाख रुपये तक पहुँच सकता है। हालाँकि 50 लाख रुपये का नुकसान कोई बड़ी बात नहीं लगती, लेकिन दिहाड़ी मजदूरों के लिए यह उनकी सालाना कमाई का एक बड़ा हिस्सा है, जो अब पानी में डूब गया है। ये कारीगर अब मदद के लिए लोगों की ओर उम्मीद भरी निगाहों से देख रहे हैं।