राजस्थान विधानसभा में गुरुवार को राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश से हुई फसलों के नुकसान के मुद्दे पर हंगामा हुआ। कांग्रेस विधायकों ने बीजेपी सरकार पर निशाना साधा और प्रभावित किसानों के लिए तत्काल मुआवजे की मांग की।
शून्यकाल के दौरान, कांग्रेस विधायकों ने ये मुद्दा उठाया और राज्य सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाया।
विधायक अमित चाचाण और नरेंद्र बुडानिया ने दावा किया कि लाखों एकड़ कृषि भूमि प्रभावित हुई है और खड़ी फसलें नष्ट हो गई हैं, लेकिन सरकार कोई ठोस कार्रवाई करने में नाकाम रही है।
आपदा राहत मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने सदन को भरोसा दिया कि प्रभावित लोगों को उचित मुआवजा दिया जाएगा। हालांकि, मीणा के बयान के तुरंत बाद कार्यवाही बाधित हो गई।
कांग्रेस विधायक अशोक चांदना ने अध्यक्ष की अनुमति के बिना बोलना शुरू कर दिया, जिसके कारण बीजेपी और कांग्रेस विधायकों के बीच तीखी बहस हुई।
लगातार हंगामे के बीच, अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कार्यवाही दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
इससे पहले विपक्ष के नेता टीकाराम जूली ने विधानसभा के बाहर इस मुद्दे पर सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व किया। वे ट्रैक्टर से विधानसभा पहुंचे, लेकिन सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें ट्रैक्टर से प्रवेश नहीं करने दिया।
इसके बाद कांग्रेस विधायक बैनर लेकर और नारे लगाते हुए विधानसभा भवन में घुस गए और आरोप लगाया कि सरकार प्रभावित किसानों को राहत प्रदान करने में नाकाम रही है।
कुछ विधायकों ने विरोध स्वरूप बारिश से क्षतिग्रस्त फसलों के नमूने भी लिए।
जूली ने कहा कि राज्य भर में भारी बारिश ने फसलों को नष्ट कर दिया है और जान-माल का काफी नुकसान हुआ है।
उन्होंने विधानसभा के दरवाजे पर संवाददाताओं से कहा, "सरकार ने प्रभावित लोगों को राहत प्रदान करने के लिए कुछ नहीं किया है।"