उत्तराखंड के चमोली जिले में लगातार भारी बारिश और भूस्खलन ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। इसी बीच राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले के 210 तीर्थयात्री, जो सात बसों में सवार होकर केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम के दर्शन के लिए पहुंचे थे। पिछले तीन दिनों से गरुड़ गांव के पास फंसे हुए हैं। बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर हुए भूस्खलन के कारण सड़क पूरी तरह बंद हो गई हैं और मलबा हटाने का काम जारी है।
जैसे ही यह जानकारी राजस्थान सरकार के कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा को मिली उन्होंने तुरंत स्थिति का संज्ञान लिया और राहत कार्यों की कमान संभाल ली। मंत्री ने यात्रियों से सीधे फोन पर बात कर उनका हालचाल जाना और आश्वासन दिया कि एक भी यात्री पीछे नहीं छोड़ा जाएगा। उन्होंने ITBP कमांडेंट धर्मेंद्र से बात कर रेस्क्यू ऑपरेशन तेज करने के निर्देश दिए।
स्थानीय प्रशासन और आपदा राहत एजेंसियां भोजन, पानी और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने में जुटी हैं। हालांकि खराब मौसम और लगातार हो रही बारिश के कारण बचाव कार्य में मुश्किलें आ रही हैं। भारतीय मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में और बारिश की चेतावनी जारी की है जिससे चुनौती और बढ़ सकती हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में भूस्खलन की भयावह तस्वीरें सामने आई हैं, जिनमें चट्टानें गिरती और लोग अफरा-तफरी में भागते दिखाई दे रहे हैं। पूरे राजस्थान की निगाहें अब चमोली जिले पर टिकी हैं और सभी तीर्थयात्रियों की सुरक्षित वापसी की उम्मीद की जा रही है।