दौसा जिले की श्यालावास जेल एक बार फिर चर्चा में है। गुरुवार सुबह चाय को लेकर कैदियों के बीच हुए विवाद में जेलर को भी निशाना बनाया गया। लादेन और आनंदपाल गैंग के कैदियों के बीच झगड़ा बढ़ गया, जिसमें जेलर के साथ धक्का-मुक्की और अपशब्दों का प्रयोग हुआ। हालांकि, जेल प्रशासन ने इस घटना की रिपोर्ट पुलिस को देने से मना कर दिया और कहा कि वे जेल मैनुअल के तहत ही कार्रवाई करेंगे। पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया है और जेल प्रशासन से संपर्क करने के प्रयास भी विफल रहे हैं।
हाल ही में कुछ दिन पूर्व दौसा जिले की श्यालावास जेल से मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को जान से मारने की धमकी मिलने के बाद यह जेल सुर्खियों में आई थी। एक बार फिर ये जेल चर्चा में है। ताजा मामला गुरुवार सुबह का है, जब जेल का लांगरी जेल कैदियों को चाय देने के लिए गया। इस दौरान लादेन नाम का कैदी और आनंदपाल गैंग के कैदियों में चाय को लेकर विवाद शुरू हो गया। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया। लांगरी ने जेलर को बुलाया। कैदियों ने जेलर के साथ भी गलत बर्ताव करते हुए अपशब्दों का प्रयोग किया। आरोप है कि जेलर के साथ धक्का-मुक्की भी की गई।
इधर, जैसे-तैसे जेल प्रशासन में इस सारे मामले को शांत तो करवा दिया, लेकिन इसकी रिपोर्ट पापड़ा थाने को नहीं दी गई। इसके मामले में नांगल डिप्टी एसपी चारुल गुप्ता को जब यह सूचना लगी तो उन्होंने जेल प्रशासन से सारा मामला जाना। जेल प्रशासन ने इस मामले पर रिपोर्ट लिखवाने से यह कहते हुए मना कर दिया कि हम इस मामले में जेल मैनुअल के हिसाब से ही कार्रवाई करेंगे। हम कोई पुलिस कार्रवाई नहीं चाहते। बड़ा सवाल ये है कि श्यालावास जेल प्रशासन के साथ कैदियों के उलझने के बाद भी जेल प्रशासन इसमें पुलिस कार्रवाई क्यों नहीं चाहता?
उधर, लालसोट एडिशनल एसपी दिनेश अग्रवाल का ने बताया कि श्यालावास जेल में चाय की बात लेकर विवाद हुआ था। किसी प्रकार का मुकदमा दर्ज नहीं हुआ है। जेल मैनुअल के तहत कार्रवाई करने की बात सामने आई है। मामले को लेकर हमने जब श्यालावास जेल के जेलर रवि कुमार को कॉल किया तो उनका कॉल रिसीव नहीं हुआ।