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Dausa Politics: विधायक बनते ही डीसी बैरवा एक्शन में, कहा- गद्दार कार्यकर्ताओं को पार्टी से बाहर निकालो

Wed, 27 Nov 2024 07:25 PM IST
दौसा ब्यूरो न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, दौसा

दौसा विधानसभा उपचुनाव के बाद पार्टी में बगावत और गद्दारी का सिलसिला चल निकला है। इस कड़ी में दौसा कांग्रेस विधायक दीनदयाल उर्फ डीसी बैरवा ने संविधान दिवस के मौके पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं की बैठक में स्पष्ट कह दिया कि पार्टी में मेरे चुनाव के समय कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं ने गद्दारी की है, जिन्हें निकाल दूंगा।

दरअसल, विधायक बनने के बाद दौसा मैं कांग्रेस पार्टी की संविधान दिवस के मौके पर एक बैठक आयोजित हुई। इसमें सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। जहां विधानसभा उपचुनाव में नवनिर्वाचित विधायक दीनदयाल उर्फ डीसी बैरवा का स्वागत सत्कार किया गया। कांग्रेस की मीटिंग के दौरान डीसी बैरवा ने कहा कि मेरे चुनाव के दौरान में जगह-जगह हर गली मोहल्ले में घुमा हूं। मेरे प्रचार के दौरान मुझे इस बात का पता चला कि कांग्रेस कार्यकर्ता हर जगह मौजूद है और पूरे तन-मन से कांग्रेस पार्टी यानी मुझे जीताने के लिए प्रयास कर रहे हैं।

इधर, इतना कहने के बाद विधायक दीनदयाल बैरवा ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए आगे कहा कि मुझे पता है कि मेरे चुनाव के दौरान कौन-कौन से कार्यकर्ताओं ने पार्टी में और मेरी खिलाफत की है। साथ ही पंचायत चुनाव आने वाले हैं, जिसके चलते वे लोग अपने खुद के लिए टिकट मांगने भी आएंगे। उससे पहले ऐसे कार्यकर्ताओं के लिए डीसी बैरवा कांग्रेस अध्यक्ष रामजीलाल ओढ़ को कहा कि या तो अध्यक्ष साहब आप ऐसे कार्यकर्ताओं को पार्टी से निकाल दो, वरना मैं निकाल दूंगा।

उधर, इतना कहने के बाद मीटिंग जब समाप्त हुई तो शायद विधायक डीसी भैरव को इस बात का एहसास हो चुका था कि जो उन्होंने बोला है, वह गलत बोल दिया, जिसके चलते मीडिया के सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि यह तो मैंने हंसी मजाक के लिए कहा था। लेकिन यह जरूर है कि कार्यकर्ता को काबू में रखने के लिए इस तरह के बात मैंने की थी। मेरा इनको पार्टी से निकलने का कोई मकसद नहीं है।

अब इस विधानसभा उपचुनाव में सबसे बड़ी और देखने वाली बात यह सामने आ रही है कि एक तरफ जहां भाजपा भितरघात का आरोप लगाते हुए नजर आ रही है। दूसरी तरफ कांग्रेस के जीते हुए प्रत्याशी भी अब इसी राह पर चल निकले हैं। भले ही उन्होंने मामला बिगड़ते देख अपने अल्फाजो पर काबू पाने की कोशिश की हो। लेकिन विधायक के मन का गुबार तो सामने आ ही गया और यह भी स्पष्ट हो गया कि बीजेपी में नहीं गद्दारी तो कांग्रेस में भी हुई है, जिसको विधायक खुद स्वीकार कर रहे हैं।

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