भीलवाड़ा जिले के मांडल थाना क्षेत्र में नेशनल हाइवे-79 के भदाली खेड़ा ओवरब्रिज पर शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना हुई। इस हादसे में एनएचएआई (नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया) के एक कर्मी की मौत हो गई। जबकि दो अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गए। इसकी पूरी घटना हाइवे पर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई।
सीसीटीवी फुटेज के अनुसार, तेज रफ्तार से आ रहे एक ट्रक ने आगे चल रही एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को पीछे से जोरदार टक्कर मारी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि ट्रॉली में सवार लोग उछलकर नीचे गिर गए। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। घटना स्थल पर 108 एंबुलेंस के पायलट प्रभु प्रजापत और गिरिराज पायक ने तत्परता दिखाते हुए घायलों को तुरंत उप जिला अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में डॉक्टरों ने भदाली खेड़ा निवासी रामकरण गुर्जर (50) को मृत घोषित कर दिया। मृतक एनएचएआई में कार्यरत थे।
दुर्घटना में घायल हुए दो व्यक्तियों की पहचान रामलाल गुर्जर (चैची खेड़ा निवासी) और दिनेश बलाई (छोटी लांबिया निवासी) के रूप में हुई है। दोनों का इलाज अस्पताल में जारी है। डॉक्टरों के अनुसार, उनकी हालत स्थिर है, लेकिन वे मानसिक और शारीरिक आघात से गुजर रहे हैं। हादसे की जानकारी मिलते ही मांडल थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त ट्रक और ट्रैक्टर-ट्रॉली को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच के अनुसार, दुर्घटना का मुख्य कारण ट्रक चालक की तेज रफ्तार और लापरवाही मानी जा रही है।
हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने हाइवे पर सुरक्षा उपायों की कमी पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि भदाली खेड़ा ओवरब्रिज पर तेज रफ्तार वाहनों की वजह से पहले भी कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। लोगों ने प्रशासन से इस क्षेत्र में स्पीड ब्रेकर लगाने और यातायात नियमों को सख्ती से लागू करने की मांग की है। एनएचएआई के मृत कर्मी रामकरण गुर्जर की मौत से विभाग में शोक की लहर है। सहकर्मियों ने उन्हें एक जिम्मेदार और मेहनती कर्मचारी बताया। उनके परिवार को इस हादसे से गहरा सदमा पहुंचा है।
पुलिस और प्रशासन ने हाइवे पर चलने वाले सभी वाहनों के चालकों से अपील की है कि वे निर्धारित गति सीमा का पालन करें और सड़क पर सतर्कता बरतें। अधिकारियों ने कहा कि ऐसे हादसों को रोकने के लिए सुरक्षा नियमों का पालन करना अनिवार्य है। उल्लेखनीय है की यह हादसा एक बार फिर हाइवे पर तेज रफ्तार और लापरवाही से गाड़ी चलाने के खतरों को उजागर करता है। प्रशासन से उम्मीद की जा रही है कि वह इस घटना से सबक लेकर सख्त कदम उठाएगा ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।