फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bhilwara News: जहाजपुर में आंगनबाड़ी भर्ती में कथित लेनदेन का मामला, महिला अभ्यर्थी ने CPOD पर लगाए गंभीर आरोप

Fri, 19 Dec 2025 08:27 PM IST
भीलवाड़ा ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भीलवाड़ा


जिले के जहाजपुर क्षेत्र से महिला एवं बाल विकास विभाग से जुड़ा एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने आंगनबाड़ी भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जहाजपुर के बाल विकास परियोजना अधिकारी पर आंगनबाड़ी भर्ती में नियुक्ति दिलाने के नाम पर कथित रूप से ऑनलाइन लेनदेन करने का आरोप लगा है। इस मामले से जुड़े कथित व्हाट्सएप चेट और ऑनलाइन संदेश इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिनमें नियुक्ति के बदले लेनदेन की बातचीत होने का दावा किया जा रहा है।

एक महिला अभ्यर्थी ने आरोप लगाया है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका भर्ती में चयन दिलाने का झांसा देकर उससे राशि ली गई। पीड़िता का कहना है कि सीडीपीओ द्वारा भेजे गए संदेशों में आपका नंबर पक्का है, चयन हो जाएगा जैसे शब्दों का उपयोग किया गया, जिससे उसे यह भरोसा हो गया कि उसकी नियुक्ति तय है। आरोप है कि तय राशि ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के जरिए दी गई, लेकिन इसके बावजूद न तो उसकी नियुक्ति हुई और न ही उससे ली गई राशि वापस की गई।

जब काफी समय बीत जाने के बाद भी नियुक्ति नहीं हुई और संपर्क करने पर संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो पीड़िता ने पूरे मामले की शिकायत भीलवाड़ा जिला कलेक्टर के समक्ष दर्ज कराई। शिकायत में उसने वायरल हो रहे चेट संदेशों को साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। पीड़िता का कहना है कि यदि उसे पहले ही स्पष्ट कर दिया जाता कि चयन प्रक्रिया में कोई गारंटी नहीं है तो वह इस प्रकार लेनदेन के लिए सहमत ही नहीं होती।

ये भी पढ़ें: Ajmer News: जिला न्यायालय के बाहर वकीलों ने किया रास्ता जाम, पीडब्ल्यूडी अधिकारी के साथ की मारपीट, जानें मामला

सोशल मीडिया पर जो चेट वायरल हो रही हैं, उनमें चयन की पुष्टि जैसे संकेत स्पष्ट रूप से नजर आ रहे हैं। यही वजह है कि मामला सामने आते ही महिला एवं बाल विकास विभाग में भी खलबली मच गई है। विभागीय स्तर पर अधिकारी पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटाने में लगे हुए हैं, वहीं जिला प्रशासन भी प्रकरण को गंभीरता से ले रहा है।
इस पूरे मामले ने आंगनबाड़ी भर्ती प्रक्रिया पर एक बार फिर सवालिया निशान लगा दिया है। उल्लेखनीय है कि आंगनबाड़ी भर्ती को लेकर पहले भी प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से शिकायतें सामने आती रही हैं। यदि इस प्रकरण में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह न केवल भर्ती नियमों का खुला उल्लंघन होगा, बल्कि एक जिम्मेदार सरकारी पद पर बैठे अधिकारी द्वारा पद के दुरुपयोग का गंभीर मामला भी माना जाएगा।

पीड़िता ने अपनी शिकायत में जिला कलेक्टर से मांग की है कि वायरल हो रही सामग्री की फॉरेंसिक जांच कराई जाए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि चेट और संदेश वास्तविक हैं या नहीं। इसके साथ ही कथित लेनदेन से जुड़े बैंक खातों और डिजिटल ट्रांजेक्शन की भी गहन जांच की जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके। पीड़िता का यह भी कहना है कि यदि दोष सिद्ध होते हैं तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह के मामलों की पुनरावृत्ति न हो।



फिलहाल जिला प्रशासन और विभागीय स्तर पर जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि वायरल हो रहे आरोपों में कितनी सच्चाई है लेकिन इतना तय है कि इस प्रकरण ने जहाजपुर ही नहीं, बल्कि पूरे जिले में भर्ती प्रक्रिया की विश्वसनीयता को लेकर नई बहस छेड़ दी है। इस संबंध में सीडीपीओ से संपर्क करने का प्रयास किया गया पर न तो वो कार्यालय में मिले तथा न ही उनका मोबाइल नंबर अटेंड हो रहा था।
  जहाजपुर सीडीपीओ पर आंगनबाड़ी भर्ती में कथित ऑनलाइन लेनदेन की चैट वायरल   जहाजपुर सीडीपीओ पर आंगनबाड़ी भर्ती में कथित ऑनलाइन लेनदेन की चैट वायरल   जहाजपुर सीडीपीओ पर आंगनबाड़ी भर्ती में कथित ऑनलाइन लेनदेन की चैट वायरल  

विज्ञापन

Latest

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
AU ऐप में पढ़ें