फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

RBSE 12th Result: बाड़मेर के गांव से निकली दिव्या 12वीं विज्ञान में रहीं अव्वल, IAS बनने का है सपना

Tue, 31 Mar 2026 09:31 PM IST
बाड़मेर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बाड़मेर

राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के मंगलवार को घोषित परिणामों में बाड़मेर जिले की होनहार छात्रा दिव्या भादू ने 12वीं कक्षा के विज्ञान संकाय में 99.80 फीसदी अंक हासिल कर पूरे राज्य में पहला स्थान अपने नाम किया। सीकर में रहकर पढ़ाई करने वाली इस बेटी ने बाड़मेर का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है। नतीजे सामने आते ही दिव्या के घर और आसपास के इलाकों में जश्न का माहौल छा गया। परिजनों ने मिठाइयां बांटकर उसकी इस शानदार उपलब्धि का जश्न मनाया। दिव्या का कहना है कि उनका लक्ष्य आगे जाकर आईएएस अधिकारी बनना है।

परिश्रम के बल पर लाईं अच्छे अंक
दिव्या बाड़मेर जिले के सीमावर्ती गांव कृष्णा का तला की रहने वाली हैं। यह इलाका शैक्षणिक संसाधनों की दृष्टि से काफी पिछड़ा माना जाता है और यहां के बच्चों को पढ़ाई के लिए अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इन तमाम मुश्किलों के बावजूद दिव्या ने अपनी अटूट लगन और कठोर परिश्रम के बल पर पूरे प्रदेश में शीर्ष स्थान हासिल किया और अपने परिवार व गांव दोनों का नाम रोशन किया।

माता-पिता को सफलता का श्रेय
दिव्या ने बताया कि उन्होंने सीकर स्थित शेखावाटी स्कूल लोसल में हॉस्टल में रहकर अपनी पढ़ाई पूरी की। उनके पिता सूजाराम भादू ग्रामसेवक के पद पर कार्यरत हैं। दिव्या ने इस सफलता का पूरा श्रेय माता-पिता, परिवार और विद्यालय को दिया। उनका कहना है कि शिक्षकों ने हर कदम पर हौसला बढ़ाया और हर सवाल को सुलझाने में भरपूर सहयोग किया। विद्यालय की पढ़ाई के अलावा हॉस्टल में भी वे रोज़ाना 6 से 7 घंटे अध्ययन करती थीं।

ये भी पढ़ें- RBSE 12th Result: वाणिज्य संकाय में सात जिलों का परिणाम रहा 100 प्रतिशत, जानिए कौन-सा जिला सबसे पीछे रहा?

दसवीं में आए थे 82 प्रतिशत
दिव्या ने यह भी बताया कि दसवीं बोर्ड में उन्हें 82 फीसदी अंक मिले थे, जिससे वे पूरी तरह संतुष्ट नहीं थीं। उस कमी को दूर करने की ठान ली और ग्यारहवीं से ही पूरी तन्मयता के साथ पढ़ाई शुरू कर दी। यही निरंतरता 12वीं में उनकी सफलता की असली नींव बनी। भविष्य की राह के बारे में दिव्या ने कहा कि वे यूपीएससी की तैयारी कर आईएएस बनने का सपना पूरा करना चाहती हैं। साथ ही उन्होंने अन्य विद्यार्थियों को यह संदेश दिया कि परीक्षा के वक्त रात-रात भर पढ़ने से बेहतर है कि पूरे साल अनुशासित होकर नियमित पढ़ाई की जाए।

विज्ञापन

Latest

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
AU ऐप में पढ़ें