फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Banswara News: लगातार बारिश से माही बांध का जलस्तर बढ़ा, 6 गेट खोले, मक्का, सोयाबीन और उड़द को मिला जीवनदान

Thu, 21 Aug 2025 04:00 PM IST
बांसवाड़ा ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांसवाड़ा

जिले में पिछले तीन दिनों से रुक-रुककर हल्की और तेज बारिश हो रही है। मेघों की मेहरबानी से जिलेभर में जलाशयों में पानी की आवक बढ़ गई है। उदयपुर संभाग के सबसे बड़े माही बांध का जलस्तर 280.70 मीटर तक पहुंचने से इसके छह गेट दो मीटर की ऊंचाई तक खोल दिए गए। बुधवार को दिन में रुक-रुककर बारिश हुई, वहीं मध्यरात्रि बाद से शुरू हुआ बारिश का दौर गुरुवार दोपहर तक जारी रहा। 

माही परियोजना के अधिशासी अभियंता प्रकाशचंद्र रैगर ने बताया कि बांध में तेज पानी की आवक को देखते हुए छह गेट खोले गए। इससे पहले डाउन स्ट्रीम और बहाव क्षेत्र में मुनादी करवाकर लोगों को सतर्क किया गया ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो। जिला कलेक्टर डॉ. इंद्रजीत यादव ने पूजा-अर्चना के बाद बांध के गेट खोले। इस मौके पर पुलिस अधीक्षक सुधीर जोशी, भाजपा जिलाध्यक्ष पूंजीलाल गायरी और माही परियोजना के अन्य अधिकारी मौजूद रहे। गेट खुलने की खबर मिलते ही लोग माही बांध पर पहुंचने लगे। इसके साथ ही शहर के कागदी पिकअप वियर के पांच गेट एक-एक मीटर की ऊंचाई तक खोले गए हैं, जबकि सुरवानिया बांध के चार गेट खोलकर पानी की निकासी की जा रही है।

ये भी पढ़ें: Rajasthan Weather Today: जयपुर में जोरदार बारिश, देर रात तक चली झमाझम में भीगा शहर

बांध के गेट अक्सर अगस्त महीने में खोले जाते रहे हैं। वर्ष 2012 में 19 अगस्त, 2015 में 27 जुलाई, 2016 में 9 अगस्त, 2017 में 28 अगस्त, 2020 में 23 अगस्त, 2021 में 21 सितंबर, 2022 में 23 अगस्त, 2023 में 16 सितंबर और 2024 में 5 सितंबर को गेट खोले गए थे।

गुरुवार सुबह 8 बजे तक जिले के विभिन्न इलाकों में बारिश रिकॉर्ड की गई। बांसवाड़ा और केसरपुरा में 28-28 मिमी, दानपुर में 20 मिमी, घाटोल में 10 मिमी, भूंगड़ा में 62 मिमी, जगपुरा में 15 मिमी, लोहारिया में 7 मिमी, गढ़ी में 45 मिमी, अरथूना में 42 मिमी, बागीदौरा में 53 मिमी, शेरगढ़ में 97 मिमी, सल्लोपाट में 8 मिमी और सज्जनगढ़ व कुशलगढ़ में 12-12 मिमी बारिश दर्ज की गई। लगातार तीन दिन से हो रही बारिश ने किसानों को भी राहत दी है। मक्का, सोयाबीन और उड़द की फसलों को जीवनदान मिल गया है, जिससे किसानों की चिंता दूर हो गई है और ग्रामीण अंचल में खुशी का माहौल बन गया है।  

विज्ञापन

Latest

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
AU ऐप में पढ़ें