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Jaisalmer News: एक चिंगारी ने उजाड़ दिया पूरा घर संसार, अनाज-जेवर और नकदी जलकर राख, सड़क पर आया परिवार

Fri, 17 Apr 2026 10:47 PM IST
बालोतरा ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जैसलमेर

जिले के छोड गांव के पास शुक्रवार दोपहर एक भीषण आग ने ऐसा तांडव मचाया कि एक किसान का पूरे जीवन का संचित सामान पलभर में राख हो गया। पीरु खान की ढाणी के सामने स्थित हजारी सिंह के ट्यूबवेल पर अचानक भड़की आग ने देखते ही देखते पास ही बने किसान किशनाराम के तीन झोंपड़ों को अपनी चपेट में ले लिया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ट्यूबवेल पर अचानक आग लगने के बाद तेज हवा के कारण लपटें तेजी से फैल गईं और कुछ ही मिनटों में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। आग इतनी भीषण थी कि आसपास खड़े लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले ही तीनों झोंपड़े धू-धू कर जलने लगे। इस दौरान झोंपड़ों के भीतर रखा गैस सिलिंडर भी आग की चपेट में आ गया, जिससे स्थिति और भयावह हो गई।

हादसे में किसान किशनाराम की करीब चार साल पुरानी कमार्ड (कृषि उपकरण/सामग्री) भी पूरी तरह जलकर राख हो गई। आग की लपटों ने घर में रखा अनाज, कपड़े, घरेलू सामान और जरूरी दस्तावेज तक नहीं छोड़े। पीड़ित किसान ने बताया कि उसके पास रखे करीब 5 लाख रुपए नकद और 15 से 20 तोला सोना भी आग में जल गया। वहीं उसकी बेटी, जो महाराष्ट्र के पुणे में रहती है और दो दिन पहले ही अपने बच्चों के साथ मायके आई थी, उसके पास रखे करीब 1.5 लाख रुपए नकद और सोने-चांदी के आभूषण भी इस आग में स्वाहा हो गए।

इस हादसे से खुशियों से भरा घर अचानक मातम में बदल गया। किसान किशनाराम ने भावुक होकर बताया कि बेटी लंबे समय बाद घर आई थी लेकिन इस हादसे ने सबकुछ छीन लिया। आग के बाद अब हालात ऐसे हो गए हैं कि परिवार के पास पहनने के लिए चप्पल तक नहीं बची है।

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हालांकि इस भयावह स्थिति के बीच किसान ने सूझबूझ दिखाते हुए अपने बच्चों को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया, जिससे एक बड़ी जनहानि टल गई। अगर थोड़ी भी देर होती, तो यह हादसा और भी गंभीर हो सकता था।

आग लगने की सूचना मिलते ही आसपास के खेतों में काम कर रहे किसान मौके पर दौड़े और अपने स्तर पर पानी और मिट्टी डालकर आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन तेज हवाओं के कारण आग पर काबू पाना मुश्किल हो गया। सूचना मिलने पर नागरिक सुरक्षा की फायर ब्रिगेड टीम भी मौके पर पहुंची, करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया हालांकि तब तक पीड़ित परिवार का सबकुछ जलकर खाक हो चुका था।

इस घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश और दुख का माहौल है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पीड़ित किसान किशनाराम को जल्द से जल्द आर्थिक सहायता और मुआवजा दिया जाए, ताकि वह दोबारा अपने जीवन को पटरी पर ला सके।

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