राजस्थान के पूर्वी सिंह द्वार कहे जाने वाले भरतपुर में तापमान में भारी गिरावट के साथ कोहरे की चादर छा गई है। अलवर जिले के सभी क्षेत्रों में विजिबिलिटी लगभग शून्य हो गई है। शीतलहर और कोहरे के चलते शहर में जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है, जिससे हाईवे पर वाहनों की आवाजाही भी प्रभावित हो रही है। बीते 1 जनवरी की शाम को सड़कों पर सन्नाटा छा गया।
मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो दिनों तक इसी तरह के हालात बने रहने की संभावना है। इस दौरान हल्की बारिश भी हो सकती है। शीतलहर के प्रकोप से लोग घरों में दुबकने को मजबूर हो गए हैं। स्टेट हाइवे-13 और नेशनल हाइवे-48 पर चल रहे वाहनों की रफ्तार काफी धीमी हो गई है। कोहरे के कारण विजिबिलिटी इतनी कम हो गई है कि सुबह के समय भी वाहन चालकों को हेडलाइट का सहारा लेना पड़ा।
पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से पूर्वी राजस्थान के अन्य जिलों में भी मौसम का मिजाज खराब बना हुआ है। इससे लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, रबी की कुछ फसलों को इससे नुकसान हो रहा है। सरसों की फसल के लिए यह मौसम प्रतिकूल माना जा रहा है, जबकि गेहूं और चने की फसलों के लिए यह मौसम फायदेमंद साबित हो सकता है।
गुरुवार को कोहरे और खराब मौसम का अनुमान पहले से लगाया जा रहा था, क्योंकि बुधवार को अच्छी धूप निकली थी। लेकिन, शाम होते ही ठंड काफी बढ़ गई और रात में कोहरा छा गया, जो सुबह 9 बजे तक बना रहा। हालात यह हैं कि सड़कों पर कुछ भी साफ दिखाई नहीं दे रहा और वाहन रेंगते हुए चल रहे हैं। भीषण ठंड के चलते लोग जगह-जगह अलाव जलाकर हाथ सेंकते नजर आ रहे हैं।