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नीट की छात्रा से गैंगरेप: 10 दिन बाद भी आरोपी फरार, ABVP ने सड़क पर उतरकर छात्रों के साथ किया प्रदर्शन

Sat, 03 May 2025 09:33 AM IST
अलवर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलवर

अलवर शहर एक बार फिर दरिंदगी और शर्मिंदगी की घटना से दहल उठा है। भिवाड़ी निवासी एक NEET छात्रा को 22 अप्रैल को दिनदहाड़े ई-रिक्शा में अगवा कर चार युवकों ने गैंगरेप की शर्मनाक वारदात को अंजाम दिया। घटना के बाद आरोपियों ने पीड़िता को एक निजी अस्पताल के पास छोड़ दिया और फरार हो गए। इस घटना की शिकायत 29 अप्रैल को पीड़िता के पिता, जो भिवाड़ी में रहते हैं, ने अलवर के एनईबी थाने में दर्ज कराई। हालांकि, शुरू में एनईबी थाना पुलिस मामले में खामोश रही, लेकिन बाद में खुद एसएचओ दिनेश मीणा ने वारदात को स्वीकार किया और पूरी घटना की जानकारी दी, जिसमें बताया गया कि आरोपियों ने छात्रा का अश्लील वीडियो भी बनाया है।

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10 दिन बीत जाने के बावजूद पुलिस द्वारा इस मामले में कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। आरोपियों को गिरफ्तारी की मांग को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने निजी कोचिंग संस्थानों के सहयोग से मोती डूंगरी स्थित राजीव गांधी पार्क के सामने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। छात्र-छात्राओं ने हाथों में तख्तियां लेकर न्याय की मांग की।

निजी कोचिंग संस्थान की ओर से कहा गया कि यह घटना केवल कानून-व्यवस्था ही नहीं, बल्कि लोकतंत्र की विफलता भी है। उन्होंने लोगों से सड़कों पर आकर आवाज उठाने की अपील की। ABVP की गौरी देवी कॉलेज इकाई अध्यक्ष अनुष्का चौधरी ने कहा कि घटना का दर्द पीड़िता ही जान सकती है, लेकिन आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं, यह और भी शर्मनाक है।

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प्रदर्शनकारियों ने राज्य सरकार और अलवर विधायक संजय शर्मा पर भी गंभीर आरोप लगाए कि वे केवल दफ्तरों में बैठकर राजनीति कर रहे हैं, जबकि जनता न्याय के लिए सड़कों पर उतर रही है और उन्हें इसकी कोई फिक्र नहीं है। चाहे मामला बलात्कार का हो या किसी अन्य ऐसे अपराध का जिससे महिला जुड़ी हो — इन नेताओं की चुप्पी शर्मनाक है और वे गिरफ्तारी के लिए कोई दबाव नहीं बना रहे।

आरएसएस संघ प्रचारक गरिमा गुप्ता ने कहा कि यदि अब भी न्याय नहीं मिला तो महिलाएं आत्मरक्षा के लिए अस्त्र-शस्त्र उठाने को मजबूर होंगी और यह दिन अलवर में जरूर आएगा क्योंकि महिलाओं के प्रति अपराधों में जिस तरह तेजी आ रही है, वह किसी से छिपी नहीं है। जब पुलिस कुछ नहीं करेगी, तो खुद महिलाओं को शस्त्र उठाने को मजबूर होना पड़ेगा।

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