आरती बालिका गृह के संचालक चेतराम सैनी को पुलिस ने गबन के मामले में गिरफ्तार किया है। पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी। अलवर में इलाज के अभाव में 12 साल की लड़की प्रियंका की मौत के बाद आरती बालिका गृह सुर्खियों में आया था।
आरती बालिका गृह के संचालक चेतराम सैनी को पुलिस द्वारा गबन के पुराने मामले में गिरफ्तार किया गया है। शिवाजी पार्क थाना अधिकारी विनोद सांमरिया ने बताया करीब 2 साल पुराने गबन के एक मामले में पुलिस ने उन्हें पकड़ा है। आरोपी ने बाल कल्याण विभाग में 16.22 लाख रुपए के फर्जी बिल पेश कर रकम उठा ली थी। इस मामले में प्रशासन ने पुलिस थाने में मामला दर्ज कराया था जिसके बाद राज्य सरकार की ओर से आरती बालिका गृह को बंद करने के आदेश भी दिए गए थे। थानाधिकारी ने बताया कि सैनी ने फर्जी बिल पेश कर राज्य सरकार से अनुदान प्राप्त किया था। इस पर आयुक्त और संयुक्त शासन सचिव बाल अधिकारिता विभाग जयपुर की जांच में बिल फर्जी पाए गए। इस पर सहायक निदेशक जिला बाल संरक्षण इकाई और बाल अधिकारिता विभाग अलवर को आरती बालिका गृह के सचिव चेतराम सैनी व अन्य दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के आदेश दिए।
सबसे बड़ी बात यह है कि सरकार के आदेश के बाद भी बालिका गृह का संचालन हो रहा था। यही नहीं बालिका गृह में रहने वाली बालिकाओं पर होने वाले समस्त खर्चे के बिल वाउचर राज्य सरकार के समक्ष पेश किए जाते रहे जिसका भुगतान राज्य सरकार की ओर से बालिका गृह को किया जाता रहा है। इन्हीं बिलों की जांच में फर्जीवाड़ा पाया गया था। इस पर विभाग की ओर से कमेटी बनाकर जांच करवाई गई थी। जांच के दौरान फर्म संचालकों ने अपने बयान में कहा कि यह बिल हमारी फर्म की ओर से जारी नहीं किए गए, बल्कि फर्जी तरीके से बनाए गए हैं। इस मामले के बाद सरकार ने आरती बालिका गृह का संचालन बंद करने के आदेश देते हुए बालिकाओं को अन्य जगह पर शिफ्ट करने के आदेश दिए थे।
सोनावा की डूंगरी स्थित आरती बालिका गृह अभी हाल ही सुर्खियों में आया जब इस बालिका ग्रह में रह रही 12 साल की बालिका प्रियंका गंभीर रूप से बीमार हुई।चिकित्सकों ने उसे 31 जनवरी को ही जयपुर रेफर कर दिया था। 11 फरवरी को बालिका की अंततः मौत हो गई। बताते हैं कि इस मामले की जांच अंतिम चरण में है। उसके बाद जिला कलेक्टर द्वारा सरकार को रिपोर्ट भेजी जाएगी। वहां से जो आदेश होंगे, उसके बाद आगे की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।