जिले की पॉक्सो कोर्ट ने एक 66 वर्षीय महिला से दुष्कर्म करने के मामले में आरोपी मुबीन को दोषी ठहराते हुए दस वर्ष की कठोर सजा के साथ 35 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई है। यदि आरोपी अर्थदंड नहीं भरता है तो उसे अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। यह मामला 25 मार्च 2015 का है, जब महिला तीर्थयात्रा से लौटकर मध्यरात्रि के समय अलवर रेलवे स्टेशन पहुंची थी।
मामले में वृद्ध महिला ने महिला थाना अलवर में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी, जिसमें उसने बताया कि वह जगन्नाथपुरी की तीर्थयात्रा से लौट रही थी। रेलवे स्टेशन पर उसने घर जाने के लिए रिक्शा किया लेकिन रिक्शा चालक ने महिला को पुल के पास जबरन घसीटते हुए उसके साथ दुष्कर्म किया और उसे जान से मारने की कोशिश भी की। पीड़िता ने तुरंत पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करवाई, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया और आरोपी की तलाश शुरू की।
पॉक्सो कोर्ट संख्या-4 की न्यायाधीश श्रीमती हिंमाकनी गौड ने मामले की गहन सुनवाई के बाद अपना फैसला सुनाया। अभियोजन पक्ष ने मामले के पक्ष में 15 गवाहों के बयान और 20 दस्तावेज पेश किए थे। इसके आधार पर न्यायालय ने आरोपी मुबीन को आईपीसी की धारा 376 (बलात्कार) और 365 (अपहरण) के तहत दोषी ठहराया। न्यायालय ने आरोपी को 10 वर्ष की कठोर कारावास की सजा सुनाई और 35 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड का भुगतान नहीं करने पर उसे अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
मामले में विशिष्ट लोक अभियोजक प्रशान्त यादव ने कहा- यह मामला समाज में अपराध के खिलाफ हमारी प्रतिबद्धता का प्रतीक है। इस तरह के मामलों में न्यायालय का सख्त रवैया अपराधियों को कड़ी चेतावनी देता है। हम अदालत के फैसले का स्वागत करते हैं और उम्मीद करते हैं कि इससे समाज में सुरक्षा का माहौल बनेगा।