अलवर की पोक्सो कोर्ट संख्या 4 ने नाबालिक बच्ची से छेड़छाड़ के मामले में फैसला सुनाते हुए आरोपी को पांच वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। आरोपी को कोर्ट ने अर्थदंड से भी दंडित किया है।
विशिष्ट न्यायाधीश पोक्सो अधिनियम संख्या-4, हिंमाकनी गौड ने सन्नी उर्फ हरिओम पुरी को नाबालिग से छेड़छाड़ का दोषी मानते हुए 5 वर्ष के कठोर कारावास की सजा के अलावा 15,000 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। अर्थदंड नहीं चुकाने की सरहिती में इसे अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। यह अर्थदंड इसे जैल जाने पर ही चुकाना होगा।
विशिष्ट लोक अभियोजक प्रशान्त यादव ने बताया कि प्रकरण में पीड़िता के दादाजी ने एक रिपोर्ट संबंधित थाने में इस आशय की पेश की थी कि उनकी नाबालिक पोती घटना के दिन मंदिर परिसर में खेल रही थी। वहां अभियुक्त सन्नी उर्फ हरिओम पुरी पीड़िता को टॉफ़ी का लालच देकर अपने पास बुला लिया और उसके साथ अश्लील हरकत की। पुलिस द्वारा अनुसंधान के पश्चात आरोपी के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र पेश किया गया। अदालत में अभियोजन पक्ष की तरफ से 10 गवाहों को पेश किया गया जिन्होंने प्रकरण में आरोपी के खिलाफ गवाही पेश की। साथ ही अभियोजन पक्ष की ओर से कोर्ट में 22 दस्तावेजों को प्रस्तुत किये गए थे।