रोडवेज के रिटायर्ड कर्मचारियों के बकाया पर लाभ का भुगतान करने और कार्यरत कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं को लेकर रोडवेज बस स्टैंड पर धरना दिया जा रहा है। राजस्थान रोडवेज आरएसआरटीसी रिटायर्ड एम्पलाइज एसोसिएशन और राजस्थान स्टेट रोडवेज एम्पलाइज यूनियन एटक की ओर से केंद्रीय बस स्टैंड पर दिया जा रहा धरना मंगलवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। इस मौके पर धरना दे रहे कर्मचारियों ने राज्य सरकार और निगम प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर विरोध प्रदर्शन भी किया।
रिटायर्ड कर्मचारियों की एसोसिएशन के प्रदेश सचिव कालीचरण जोशी ने बताया कि राज्य सरकार और निगम प्रशासन पिछले 25 माह के बाद भी रिटायर्ड कर्मचारियों के बकाया परिलाभ नहीं दे रहा है, जबकि उनको रिययर्ड हुए काफी समय बीत चुका है। रिटायर्ड होने के बावजूद कर्मचारियों को उनके परिलाभ नहीं दिए जा रहे हैं। इसके अलावा सेवारत कर्मचारियों की भी विभिन्न मांगों पर भी सरकार कोई फैसला नहीं कर रही है। सरकार और निगम प्रशासन बसे नहीं खरीद रही है, जिससे अनुबंध पर दी गई बसों के चालक और परिचालक अपनी मनमर्जी से बसों को गैर कानूनी तरीके से चला रहे हैं।
यूनियन की ओर से सरकार द्वारा एक हजार नई बसों की खरीद करने और 10 हजार कर्मचारियों की भर्ती करने की मांग भी प्रमुख्य से रखी गई है, लेकिन सरकार इन मांगों पर कोई निर्णय नहीं ले रही है और अनुबंध पर बसे चला रही हैं, जिससे रोडवेज को भारी घटा उठाना पड़ रहा है। इन्ही मांगों के समाधान को लेकर यह धरना आयोजित किया जा रहा है। यदि इसके बावजूद सरकार व निगम प्रशासन द्वारा उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। रोडवेज बस बंद तक कर दी जाएगी। इस सबकी जिम्मेदारी निगम प्रशासन की होगी। रोडवेज कर्मचारियों ने यह भी कहा कि जो कर्मचारी निगम में काम कर रहे हैं उनको भी समय और वेतन नहीं मिलता, क्योंकि निगम प्रशासन को लगातार घाटे में ले जाया जा रहा है। यह धरना बुधवार को समाप्त होगा, जिसके बाद दोनों आगारों के प्रबन्धकों ओर निगम चेयरमैन को ज्ञापन दिए जाएंगे। इन ज्ञापनों की प्रति मुख्यमन्तेय को भी भेजी जाएगी।