राइजिंग राजस्थान समिट के तहत अलवर जिले में 10,000 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इस मौके पर केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि यह पहल युवाओं और स्थानीय निवासियों के लिए रोजगार के नए अवसर लेकर आएगी। उन्होंने कहा कि समिट का लाभ बेरोजगार युवाओं को होगा और वे सहायक उद्योग लगाकर अपनी आजीविका कमा सकेंगे।
मंत्री यादव ने बताया कि निवेशकों ने जिले में निवेश को लेकर खासी रुचि दिखाई है। उन्होंने कहा कि आईटी, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रिक और इलेक्ट्रॉनिक क्षेत्रों के कारोबारी यहां बड़े पैमाने पर निवेश कर रहे हैं। इसके साथ ही दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे से जुड़े होने के कारण निवेशकों को यहां अतिरिक्त लाभ मिल रहा है। समिट के दौरान 25 बड़ी औद्योगिक इकाइयों द्वारा स्टॉल लगाए गए। साथ ही छोटे और मध्यम निवेशकों ने भी इसमें भाग लिया, जो बड़ी कंपनियों को सहायक उद्योग के रूप में सामान सप्लाई करेंगे।
कार्यक्रम में भाजपा के वरिष्ठ नेता जिला प्रमुख बलबीर छिल्लर, विधायक रमेश खींची, सुखवंत सिंह और जिला अध्यक्ष अशोक गुप्ता मौजूद रहे। केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने इस अवसर पर कहा कि अलवर में नए औद्योगिक पार्क विकसित किए जा रहे हैं ताकि आम लोगों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। सरकार हर स्तर पर तेजी से काम कर रही है और विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है।
उन्होंने कहा कि राइजिंग राजस्थान कार्यक्रम का पूरा फायदा आम आदमी को मिलेगा। युवाओं को रोजगार मिलेगा व नए निवेश से स्थानीय लोगों को फायदा होगा।