ठगी के पीड़ित परिवारों ने सोमवार को एक बार फिर अलवर जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। साथ ही मांग रखी कि हमारे रुपये 180 दिनों की अवधि में लौटने की प्रक्रिया की जाए। नहीं तो एक मई को दिल्ली जंतर मंतर से संसद का घेराव किया जाएगा।
समय सिंह सेनी ने 2019 के कानून का हवाला देते हुए कहा कि जिन चिटफंड कंपनियों की वजह से देश भर के परिवारजनों के साथ जो ठगी हुई है। उनका भुगतान 180 दिनों में किया जाएगा। लेकिन छह साल से अधिक समय बीतने के बाद अभी तक ठगी से पीड़ित परिवारों को कोई भी अनुदान नहीं मिल पाया है। जबकि देश भर में ठगी पीड़ितों द्वारा धरना प्रदर्शन किया गया था। अलवर में भी सचिवालय के सामने काफी दिनों तक हड़ताल की गई। लेकिन अभी तक हमारी सुनवाई नहीं हुई है। कई बार ज्ञापन सौंपा गया, अब तीसरी बार ज्ञापन सौंपकर ध्यान आकर्षित करना चाहते हैं कि जल्द से जल्द हमारा भुगतान हमको दिया जाए।
बता दें कि केंद्र सरकार ने एक साथ करीब तीन लाख से अधिक चिटफंड कंपनियों को बंद कर दिया था, जिसमें सामने आया कि बहुत से मध्यवर्गीय परिवारों का काफी ज्यादा पैसा फंसा हुआ है। इसके लिए एक्ट 2019 के तहत 180 दिनों में भुगतान देने की बात कही थी। लेकिन अभी तक भुगतान नहीं मिलने की वजह से काफी संख्या में लोगों को समस्या का सामना करना पड़ रहा है। अगर अलवर की बात की जाए तो करीब दो लाख से अधिक परिवार इस समस्या से पीड़ित हैं और अगर देश भर की बात की जाए तो करीब 42 करोड़ से अधिक परिवार अब भी इस समस्या से लड़ रहे हं। राजस्थान में करीब तीन करोड़ लोग हैं, जिनका भुगतान अटका हुआ है।
वहीं, बताया कि राजस्थान में काफी स्थानों पर जिला कलेक्टर अपने स्तर पर भुगतान काउंटर शुरू कर दिए हैं, जिसकी वजह से कुछ लोगों को अपना पैसा वापस भी मिलना शुरू हो गया है। लेकिन अलवर में अभी तक यह काउंटर शुरू नहीं किया गया। अगर यहां भी हमारी समस्या को सुना जाए और सभी से आवेदन लेकर 180 दिनों में भुगतान की प्रक्रिया शुरू की जाए तो काफी परिवारों की समस्या सुलझ सकती है। अगर अब भी सरकार और सिस्टम मनमानी करता है, हमारी सुनवाई नहीं करता है तो एक मई 2025 को पूरे देश से ठगी पीड़ित दिल्ली में संसद का घेराव करेंगे।