अलवर में रीट परीक्षा के बाद अभ्यर्थियों को बसों में चढ़ने के लिए तगड़ी मारामारी करनी पड़ रही है। अभ्यर्थियों को बस नहीं मिल रही है और बसों की व्यवस्था बेहद खराब दिखाई दे रही है। इस बारे में प्रसासन भी मौन साधे हुए है। बस स्टैंड पर जबरदस्त भीड़ का आलम है और छात्र-छात्राओं को अव्वल तो बस नहीं मिल रही है।
बता दें कि बस मिल भी रही है तो भारी धक्का-मुक्की बसों में चढ़ने के लिए हो रही है। बसों में खड़े रहने को भी जगह नहीं मिल रही और हालात प्रयागराज मेले के दौरान दिल्ली में हुए भगदड़ सा दिखाई दे रहा है। गनीमत यह है कि बस में भगदड़ नहीं हो रही। लेकिन हालात बिल्कुल वैसे ही हो रहे हैं।
यह हालत तब पैदा हुई, जब रीट परीक्षा का महाकुंभ समाप्त हो गया। लेकिन यह परीक्षा बहुत से सवाल छोड़ गई। परीक्षा देने आए अभ्यर्थियों ने कहा कि परीक्षा केंद्र पर व्यवस्था काफी अच्छी थी। लेकिन बस स्टैंड पर व्यवस्था कतई ठीक नहीं और हालात बिल्कुल जीरो हैं। अलवर केंद्रीय बस स्टैंड की बात करें तो यहां हजारों की संख्या में परीक्षा देने के बाद अभ्यर्थी एकत्रित हुए। जो अपने-अपने घर जाने के लिए अलग-अलग बस का इंतजार कर रहे थे। लेकिन बसों पर जहां बस जाने वाली है, उस जगह का नाम तक नहीं लिखा हुआ मिला। इसको लेकर अभ्यर्थी एक जगह से लेकर दूसरी जगह तक भीड़ का रूप लेते हुए भागदौड़ करते हुए नजर आए।
बस स्टैंड पर कोई हेल्प डेस्क भी नहीं रखा है, जिस पर जाकर अभ्यर्थी कोई पूछताछ कर सके। न ही पुलिस प्रसासन का कोई अधिकारी वहां मौजूद दिखाई दिया, जो आने-जाने वालों को जानकारी दे सके या उनकी जिज्ञासा पूरी कर सके। प्रशासन ने किसी की भी ड्यूटी बस स्टैंड पर नहीं लगाई। यदि कोई जिम्मेदार व्यक्ति होता तो समय रहते या समय के हिसाब से बच्चों को यह बता सकता कि आप जहां जा रहे हो, वहां की बस यहां लगेगी। जैसे कि जयपुर, दिल्ली, बहरोड़, भरतपुर सहित अन्य स्थानों को जाने वाली बस कहां-कहां लगेगी। यह भी कोई बताने वाला वहां नहीं था।
हालत यह भी दिखे कि चलती हुई बसों में अभ्यर्थी कोई खिड़की से तो कोई गेट से लटककर चढ़ता हुआ नजर आया या फिर गेट पर ही लटककर यात्रा करता दिखाई दिया। ऐसे में अगर किसी अभ्यर्थी के साथ कोई अनहोनी हो जाती है तो उसका कौन जिम्मेदार होगा। क्योंकि बस स्टैंड की हालत बेकाबू हो गई है। कई छात्र तो राज्य के बाहर से आए थे और उनको यह तक पता नहीं कि उनको किस बस में बैठना है और कहां होकर जाना है।