पूर्व की गहलोत सरकार में वर्ष 2020 में कोरोना काल के दौरान किसानों के लिए मंडी व्यापारियों से कृषक कल्याण फंड के नाम पर 50 पैसे प्रति महीने लिए जाते हैं। वहीं, इस फंड को यह कहकर लागू किया गया था कि इसे तीन महीने बाद समाप्त कर दिया जाएगा। लेकिन उसके बावजूद यह जारी रहा और लगातार व्यापारियों को इस फंड में पैसा देना पड़ा। जो कि उद्योगपतियों के पास जाता है।
वहीं, एक अप्रैल से 50 पैसे और अधिक बढ़ाने की घोषणा के बाद व्यापारियों ने आकर्षित होकर चार दिन के लिए मंडी गेट बंद कर दिया। अलवर कृषि उपज मंडी में चार दिन तक कोई व्यापार नहीं होगा। केवल किसानों का माल उतारा जाएगा। मंडी के पूर्व अध्यक्ष सुरेश जलालपुरिया और वर्तमान अध्यक्ष सत्य विजय गुप्ता ने बताया कि इस फंड को हटाने के लिए कई बार सरकार को ज्ञापन दिए गए और वार्ता हुई। लेकिन अभी तक इस पर न तो गहलोत सरकार में कोई विचार किया गया और न ही भजनलाल सरकार में इस ओर ध्यान दिया जा रहा है, उल्टा इसे बढ़ाया जा रहा है।
इसके विरोध में कृषि उप मंडी का गेट बंद कर विरोध प्रदर्शन किया गया। यह हड़ताल पूरे राजस्थान में लागू की गई है। वहीं, सोमवार को जयपुर में वार्ता है। उसके बाद मंगलवार को जयपुर में आमसभा का आयोजन किया जाएगा, जिसमें तय किया जाएगा कि मांगे पूरी नहीं हुई तो आंदोलन को कब तक आगे बढ़ाया जाएगा। वहीं, अध्यक्ष ने कहा कि यदि मांगे पूरी नहीं होती हैं तो मंडी अनिश्चितकाल के लिए भी बंद की जा सकती है।