उत्तराखंड (काशीपुर) की रहने वाली बाइक राइडर नोनी स्टॉप क्राइम अगेंस्ट वूमेन अभियान को लेकर बाइक पर पूरे भारत की यात्रा पर हैं। उन्हीं के साथ अजमेर में दो युवकों ने उनकी पालतू बिल्ली के बच्चे को टॉयलेट करने की बात को लेकर हमला कर दिया। इस मामले में नोनी ने अजमेर के गंज थाना पुलिस को शिकायत दी, जिस पर अपने खिलाफ कानूनी कार्रवाई होता देख हमलावर युवकों और उनके परिवार वालों ने राइडर नोनी के आगे हाथ जोड़कर माफी मांग ली। इस पर राइडर ने बिना कानूनी कार्रवाई करते हुए राजीनामा कर लिया और वह आगे की ओर रवाना हो गई।
बाइक राइडर काशीपुर (उत्तराखंड) निवासी पूजा ने जानकारी देते हुए बताया कि 26 सितंबर को वह और उनका साथी मोहित जोधपुर से अजमेर राइड करती हुई पहुंची थी। अजमेर के पुष्कर रोड पर उनकी बिल्ली के बच्चे को टॉयलेट कराने जैसे ही वह रुकी। इसी दौरान एक व्यक्ति आया और कहने लगा कि यहां पर बिल्ली के बच्चे को बाथरूम क्यों करवा रहे हो और पूजा से कहने लगा कि आप यहां से इस बच्चे को लेकर रवाना हो जाइए वरना अच्छा नहीं होगा। फिर दूसरा व्यक्ति आया और पूजा से कहने लगा कि ज्यादा बहस मत करो और पूजा को धमकाने लगा। इसी दौरान पूजा से दोनों व्यक्तियों ने धक्का-मुक्की करते हुए मारपीट भी कर दी।
पूजा ने यह भी बताया कि दोनों व्यक्तियों ने उन पर हाथ भी उठाया और बिल्ली के बच्चे को लात मार दी। इस मामले में पूजा ने अपने हेलमेट पर लगाए कैमरे की फुटेज गंज थाना पुलिस को देकर दोनों व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की बात कही। पुलिस ने वीडियो फुटेज चेक किया, जिसमें दो व्यक्ति पूजा के साथ धक्का-मुक्की करते हुए नजर आ रहे हैं। वीडियो के आधार पर दोनों व्यक्तियों को पुलिस चौकी बुलाया। जहां पुलिस कार्रवाई के डर से दोनों व्यक्तियों ने राइडर पूजा और उनके साथी मोहित से हाथ जोड़ते उनके द्वारा की गई गलती की माफी मांगते नजर आए। वहीं, पूजा का कहना है कि दोनों व्यक्तियों के परिवार वालों ने भी गलती का एहसास किया, जिस पर पुलिस चौकी में उन्होंने अपनी शिकायत वापस लेकर कानूनी कार्रवाई नहीं करने की बात कहते हुए वह आगे की ओर निकल गई।
महिला सशक्तिकरण और स्टॉप वूमेन क्राइम को लेकर है अभियान पर
महिला सशक्तिकरण और स्टॉप वूमेन अगेंस्ट अभियान के तहत राइडर नोनी अपने साथी मोहित के साथ 10 सितंबर 2024 को राजस्थान भ्रमण पर निकली है। इस दौरान वह छोटे बच्चे और महिलाओं पर होने वाले अत्याचारों की रास्ते में मिलने वाले छोटे बच्चे और महिलाओं को जानकारी देती हैं और उन पर अत्याचार होने के बाद कानूनी कार्रवाई किस तरीके से की जा सकती है। यह भी अलग-अलग शहरों में जाकर छोटे बच्चे और महिलाओं को समझाती हैं।