नागौर में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी अपनी मांगों को लेकर स्वास्थ्य विभाग कार्यालय में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं। इनका कहना है कि पिछले तीन माह से उन्हें वेतन का भुगतान नहीं हुआ है, साथ ही उन्हें हर महीने मिलने वाले इंसेंटिव और स्वास्थ्य संबंधी उपकरण भी सरकार उन्हें उपलब्ध नहीं करा रही है।
आपको बता दें कि वर्तमान में नागौर जिले में 375 सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी कार्यरत हैं लेकिन पिछले 3 माह से न तो समय पर वेतन दिया जा रहा है और ना ही हर महीने मिलने वाले इंसेंटिव का भुगतान किया जा रहा है। इतना ही नहीं कभी भी किसी अन्य जगह पर इनकी ड्यूटी लगा दी जाती है। एनसीडी कार्य हेतु पर्याप्त संसाधनों की भी आवश्यकता होती है लेकिन वे भी नहीं मिल रहे हैं, जिसके चलते कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
इसी के चलते अब नागौर और डीडवाना-कुचामन जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी पिछले 3 माह से वेतन नहीं मिलने के कारण नागौर के सीएम कार्यालय में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं। अपनी मांगों के संबंध में जिला चिकित्सा अधिकारी को सौंपे गए ज्ञापन में उन्होंने बताया है कि अब तक का बकाया वेतन भुगतान और हर महीने मिलने वाला इंसेंटिव दिया जाए साथ ही अन्य मांगों पर भी आवश्यक विचार किया जाए।
नागौर सीएमएचओ राकेश कुमावत ने बताया कि आज स्वास्थ्य कार्यालय में धरने पर बैठे सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों ने एक ज्ञापन सौंपा है, जिसमें उन्होंने बताया कि पिछले तीन माह से उनकी जो बकाया राशि है, वह नहीं मिली है। मैंने पहले ही सरकार को इस मामले को लेकर अवगत करवाया है लेकिन सरकार ने बजट नहीं होने का हवाला दिया। हमारे पास बजट आते ही राशि जारी कर दी जाएगी। साथ ही अन्य मांगों पर भी सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा।