मोगा पुलिस ने 29 मई को गांव कपूरे में हुए कत्ल के मामले को सुलझाते हुए डेरे के एक संचालक समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से हत्या में इस्तेमाल की गई अवैध पिस्टल और एक मोटरसाइकिल भी बरामद की गई है। डीएसपी धर्मकोट सुखमंदर सिंह ने बताया कि 29 मई की सुबह गांव कपूरे में एक युवक का शव बरामद हुआ था। जांच में पता चला कि युवक की मौत गोली लगने से हुई थी। मृतक की पहचान अर्शदीप सिंह उर्फ अरश निवासी बधनी कलां के रूप में हुई। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि मृतक के खिलाफ पहले से छह आपराधिक मामले दर्ज थे। पुलिस ने अज्ञात लोगों पर मामला दर्ज करके जांच की और दो जून को जगजीत सिंह उर्फ गग्गी निवासी झंडेवाला तथा हरकोमलप्रीत सिंह उर्फ बिल्ला निवासी बधनी खुर्द को गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने खुलासा किया कि 28 मई की रात वे अर्शदीप सिंह के साथ एक मोटरसाइकिल पर सवार होकर इंदरगढ़ में लगने वाले धार्मिक मेले में गए थे। 29 मई को गांव लौटते समय गांव कपूरे के पास तीनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया। इसी दौरान जगजीत सिंह ने अपने पास मौजूद अवैध पिस्टल से अर्शदीप सिंह पर गोली चला दी। गोली लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हत्या के बाद दोनों आरोपी तीसरे साथी जगसीर सिंह उर्फ लब्बा निवासी गांव कुस्सा के डेरे में छिपे थे। पिस्टल और मोटरसाइकिल भी डेरे में जगसीर सिंह के पास छुपाया था। पुलिस के अनुसार जगसीर सिंह गांव में एक डेरे का संचालक है और उसकी उम्र 21 वर्ष है। पुलिस ने तीनों आरोपियों को नामजद कर गिरफ्तार कर लिया है और अदालत में पेश कर दो दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया है। मामले में आगे की पूछताछ जारी है। डीएसपी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ पहले कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है। अब पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि आरोपियों के पास अवैध पिस्टल कहां से आई और क्या वे किसी अन्य वारदात को अंजाम देने की योजना बना रहे थे। जांच जारी है।