जालंधर ग्रामीण पुलिस ने नशा-विरोधी मुहिम के तहत जिले के संवेदनशील इलाकों में बड़े पैमाने पर कॉर्डन एंड सर्च ऑपरेशन (कासो) चलाकर तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की। यह अभियान एडीजीपी एम. एफ. फारुकी और एसएसपी हरविंदर सिंह विर्क के नेतृत्व में संचालित किया गया। पुलिस अधिकारियों की निगरानी में करीब 125 जवानों ने नाहरपुर सहित विभिन्न ‘हॉटस्पॉट’ क्षेत्रों में तलाशी अभियान चलाया। 1 मार्च से 19 मार्च तक चली इस कार्रवाई में 402 छापेमारी, 187 गिरफ्तारियां और एनडीपीएस एक्ट के तहत 104 केस दर्ज किए गए। 60 आरोपी अभी भी फरार बताए जा रहे हैं। कार्रवाई के दौरान 522 ग्राम हेरोइन, 20 किलो पोस्त, 317 ग्राम चरस, 1922 नशीली गोलियां/कैप्सूल और 17,800 रुपये की ड्रग मनी बरामद की गई। इसके अलावा आर्म्स एक्ट के तहत 4 मामले दर्ज कर 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जिनसे पिस्तौल और रिवॉल्वर सहित हथियार भी बरामद हुए। नशा तस्करों की कमर तोड़ने के लिए पुलिस ने करीब 1.50 रुपये करोड़ की 6 अवैध संपत्तियां ध्वस्त कर दी हैं, जबकि 7 अन्य पर कार्रवाई प्रस्तावित है। साथ ही नशा मुक्ति अभियान के तहत कई युवाओं को इलाज के लिए पुनर्वास और ओट केंद्रों में भेजा गया। पुलिस का कहना है कि नशे की सप्लाई चेन तोड़ने और युवाओं को इस बुराई से बचाने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा।