शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष और पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल पर नांदेड़ में हुए हमले को लेकर जालंधर से कांग्रेस विधायक परगट सिंह ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि गुरुद्वारा साहिब परिसर के अंदर इस तरह की घटना बिल्कुल नहीं होनी चाहिए थी। जो मुद्दे राजनीतिक बहस या लोकतांत्रिक तरीके से हल हो सकते हैं, उनके लिए हिंसा का रास्ता अपनाना किसी भी सूरत में उचित नहीं है। परगट सिंह ने कहा कि ऐसी घटनाओं से सिख परंपराओं और पूरे सिख समुदाय को लेकर गलत संदेश जाता है। उन्होंने हमले की निंदा करते हुए कहा कि गुरुद्वारा साहिब एक पवित्र स्थान है और वहां इस तरह की हरकत गंभीर चिंता का विषय है। 'हमलावर की पृष्ठभूमि की जांच जरूरी' अकाली दल की ओर से हमले को पंथ विरोधी साजिश बताए जाने के सवाल पर परगट सिंह ने कहा कि राजनीतिक दल अपनी बात रखेंगे, लेकिन असली सच्चाई जांच के बाद ही सामने आएगी। उन्होंने कहा कि पुलिस को यह जांच करनी चाहिए कि हमला करने वाला व्यक्ति कौन है, उसकी पृष्ठभूमि क्या है और घटना के पीछे वास्तविक कारण क्या था। उन्होंने कहा कि हमले में कुछ भी गंभीर हो सकता था और इस तरह की घटना को किसी भी परिस्थिति में सही नहीं ठहराया जा सकता। --- फार्मासिस्ट भर्ती मामले पर सरकार को घेरा, हाईकोर्ट की कार्रवाई का दिया हवाला पंजाब में फार्मासिस्ट भर्ती मामले को लेकर भी परगट सिंह ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि रूरल हेल्थ मिशन और फार्मासिस्ट भर्ती से जुड़े कई मुद्दे सामने आए हैं। बाबा फरीद यूनिवर्सिटी से संबंधित भर्ती प्रक्रिया को लेकर भी उन्होंने कई सवाल उठाए और दावा किया कि इस पूरे मामले में बड़ी संख्या में खबरें और शिकायतें सामने आई हैं। परगट सिंह के मुताबिक, पुलिस की ओर से इसे पेपर लीक के बजाय चीटिंग का मामला बताया गया है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि परीक्षा केंद्र पर पर्याप्त सीसीटीवी कैमरे और अन्य निगरानी व्यवस्था नहीं थी, तो परीक्षा प्रक्रिया को लेकर जवाबदेही किसकी बनती है। उन्होंने आरोप लगाया कि सेंटर बनाने के दौरान जरूरी वेरिफिकेशन और निगरानी में लापरवाही हुई और पूरे मामले में भ्रष्टाचार के आरोपों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। सरकार पर लगाए गए इन आरोपों पर अंतिम तस्वीर जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगी। 'सरकार कह रही है विपक्ष बेवजह मुद्दा बना रहा' परगट सिंह ने कहा कि सरकार की ओर से लगातार यह कहा जा रहा है कि विपक्ष बेवजह मुद्दा बना रहा है और कोई पेपर लीक नहीं हुआ। लेकिन उनके मुताबिक, परीक्षा प्रक्रिया में अनियमितता और चीटिंग के आरोप भी बेहद गंभीर हैं। उन्होंने कहा कि परीक्षा केंद्रों पर पारदर्शिता और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होने चाहिए थे, ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी की गुंजाइश न रहे। विधानसभा में कानून संशोधन को लेकर भी उठाए सवाल विधानसभा में हाल ही में पारित कानून संशोधन से जुड़े सवाल पर परगट सिंह ने सरकार के विधायी कामकाज पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कई बार विधायकों और मंत्रियों को बिलों की पूरी जानकारी तक नहीं होती और सदन में व्यापक चर्चा की जरूरत है। उनका कहना था कि महत्वपूर्ण बिलों पर सत्ता पक्ष के विधायकों को भी पर्याप्त जानकारी के साथ चर्चा करनी चाहिए, ताकि कानून बनाते समय उसके प्रभाव और प्रावधानों को बेहतर तरीके से समझा जा सके। --- राहुल गांधी के पंजाब दौरे और कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति पर बोले- 'मुझे जानकारी नहीं' राहुल गांधी के पंजाब आने की चर्चाओं और कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति को लेकर पूछे गए सवाल पर परगट सिंह ने कहा कि उन्हें इस संबंध में फिलहाल जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि राहुल गांधी पंजाब आते हैं तो यह अच्छी बात होगी। प्रताप बाजवा और चरणजीत सिंह चन्नी की राहुल गांधी से मुलाकात को लेकर संभावित बदलाव के सवाल पर भी उन्होंने कहा कि इस बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है। पंजाब में कांग्रेस की आगे की रणनीति को लेकर भी उन्होंने कहा कि फिलहाल उनके पास कोई स्पष्ट प्लान नहीं आया है। वडिंग की रैली में हुए घटनाक्रम पर पूछे जाने पर परगट सिंह ने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि राजनीति में इस तरह की बातें होती रहती हैं और बेहतर होगा कि ध्यान पंजाब के वास्तविक मुद्दों पर दिया जाए। उन्होंने कहा कि तीन करोड़ लोगों के पंजाब में कोई व्यक्ति किसके नारे लगाता है, इसे लेकर अपनी ऊर्जा खर्च करने के बजाय जनता के मुद्दों पर ध्यान देना ज्यादा जरूरी है। ---सरकार के वादों और सर्वे पर तंज- 'पांच महीने में पता लग जाएगा' पंजाब सरकार की ओर से स्कूल ऑफ एमिनेंस, महिलाओं को आर्थिक सहायता और स्वास्थ्य विभाग में सुधार जैसे वादों को लेकर किए जा रहे सर्वे पर भी परगट सिंह ने तंज कसा। उन्होंने कहा कि सरकार सर्वे करवाती रहे, लेकिन आने वाले समय में जनता खुद तय कर देगी कि सरकार के वादे जमीन पर कितने उतरे हैं। उन्होंने संकेत दिया कि अगले पांच महीनों में इन दावों की वास्तविक स्थिति सामने आ जाएगी। -SIR को लेकर परगट सिंह बोले- 'जेनुइन वोट नहीं कटनी चाहिए' पंजाब में SIR (Special Intensive Revision) को लेकर परगट सिंह ने कहा कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया में जागरूकता जरूरी है, लेकिन यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि किसी भी जेनुइन मतदाता का नाम गलती से न कटे। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि किसी राजनीतिक दल की ओर से चुनाव आयोग की वेबसाइट या चुनावी प्रक्रिया में किसी तरह की छेड़छाड़ की जाती है, तो उसे रोकना जरूरी है। हालांकि ऐसे आरोपों की पुष्टि संबंधित जांच और आधिकारिक संस्थाओं की कार्रवाई के आधार पर ही हो सकती है। परगट सिंह के बयान में सुखबीर बादल पर हमले, फार्मासिस्ट भर्ती विवाद, विधानसभा के कामकाज, कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति, सरकार के वादों और SIR जैसे कई मुद्दे प्रमुख रहे।