जालंधर में आम आदमी पार्टी पंजाब की लीडरशिप ने प्रेस वार्ता की, जिसमें मनरेगा को खत्म करने का विरोध किया। आप नेता पवन टीनू ने कहा कि प्रदेश के आय सोर्स लिमिटेड होने के बावजूद इसमें 40 फीसदी हिस्सेदारी का बिल थोप दिया गया। जबकि पहले योजना केंद्र सरकार के अधीन चलती थी। आप नेता ने कहा कि मनरेगा को खत्म करने वाला देश के मजदूरों और दलित परिवारों के साथ अन्याय किया है। पहले 100 दिन गारंटी रोजगार मिलता था अब केंद्र के फंड पर काम मिलेगा।