वृंदावन में नाव हादसे में जान गंवाने वाली सपना हंस का आज मोगा में अंतिम संस्कार किया गया। उनके बेटे ने मुखाग्नि देकर उन्हें अंतिम विदाई दी। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग अंतिम संस्कार में शामिल हुए और नम आंखों से श्रद्धांजलि अर्पित की। हादसे में मौजूद सरोज ने जानकारी देते हुए बताया कि नाव में कुल 33 श्रद्धालु सवार थे। नाव सामने बने एक अस्थायी पुल के राशि से टकरा गई और अचानक पलट गई। उन्होंने कहा कि किसी को संभलने का मौका नहीं मिला। मौके पर मौजूद अन्य नाव चालकों ने तुरंत पहुंचकर लोगों को बचाया और घायलों को अस्पताल पहुंचाया। सरोज ने यह भी बताया कि पुल का निर्माण कार्य चल रहा था, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई चेतावनी बोर्ड नहीं लगाया गया था, जिससे नाव चालकों को खतरे की जानकारी नहीं मिल सकी। वहीं समाजसेवी अनमोल शर्मा ने बताया कि सपना हंस पिछले कई वर्षों से उनके साथ सामाजिक कार्यों में जुड़ी हुई थीं। हाल ही में नवरात्रि के दौरान भी उन्होंने पूरा समय सेवा में बिताया था। उन्होंने कहा कि सपना हंस और रीमा हंस की जोड़ी बहुत अच्छी थी, लेकिन इस हादसे ने परिवार को गहरा सदमा दिया है।