संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर रविवार को पूरे पंजाब में अपनी मांगों को लेकर भाजपा नेताओं और आम आदमी पार्टी के मंत्रियों और विधायकों के घरों के बाहर धरना-प्रदर्शन किए गए। इसी कड़ी में मोगा में भी संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से डॉ. अमनदीप कौर अरोड़ा के निवास के बाहर रोष प्रदर्शन किया गया। धरने में भारी संख्या में किसान और महिलाएं शामिल हुईं। किसान नेताओं इकबाल सिंह और बलोर सिंह ने कहा कि किसान लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन सरकारें उनकी आवाज दबाने की कोशिश कर रही हैं। हाल ही में बठिंडा के जियोन्द गांव में किसानों पर पुलिस द्वारा पत्थरबाजी और आंसू गैस के गोले छोड़े गए, जिसकी वे कड़ी निंदा करते हैं। किसानों का कहना है कि यह कार्रवाई किसानों को डराने और आंदोलन को कमजोर करने की साजिश है। किसान नेताओं ने कहा कि एक ओर केंद्र सरकार दिल्ली बॉर्डर पर किसानों पर लाठीचार्ज कर रही है, वहीं दूसरी ओर पंजाब सरकार भी किसानों के साथ सख्ती बरत रही है। दोनों सरकारें मिलकर किसानों को उनकी मांगें उठाने से रोकना चाहती हैं। धरने के दौरान नेताओं ने कहा बिजली संशोधन बिल 2025, बीज बिल 2025, 29 श्रम कानूनों की जगह चार लेबर कोड लागू करने की तैयारी, मनरेगा कानून में संभावित बदलाव तथा अमेरिका के साथ संभावित फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को किसान और मजदूर विरोधी बताया। उन्होंने कहा कि यदि सरकारों ने किसानों की मांगों पर ध्यान नहीं दिया, तो आने वाले दिनों में दिल्ली की तर्ज पर बड़ा आंदोलन छेड़ा जाएगा। किसान नेताओं ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक संघर्ष जारी रहेगा।