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मोबाइल छोड़ मैदान की ओर, दारापुर के सरपंच की पहल से खेलों की ओर बढ़ रहे गांव के बच्चे

आज के समय में जब कोई सरपंच चुना जाता है तो उसका पहला लक्ष्य गांव में सड़क, नालियां और अन्य विकास कार्य कराना होता है। मोगा का गांव दारापुर अपनी अनोखी सोच और पहल के कारण चर्चा का विषय बना हुआ है। गांव की महिला सरपंच मनदीप शर्मा और उनके पति दीप शर्मा जो कि जिला कॉर्डिनेटर हे नशा मुक्ति मंच के उन्होंने पारंपरिक विकास कार्यों से पहले गांव के बच्चों और युवाओं के भविष्य को प्राथमिकता दी। उन्होंने बच्चों को मोबाइल की लत से दूर कर खेलों की ओर आकर्षित करने के उद्देश्य से पंजाब सरकार और ग्राम पंचायत के सहयोग से लगभग 25 लाख रुपये की लागत से एक आधुनिक खेल मैदान तैयार कराया। इस मैदान में गांव के करीब 100 बच्चे प्रतिदिन नियमित अभ्यास करते हैं, ताकि वे पढ़ाई के साथ-साथ खेलों में भी आगे बढ़ें और मोबाइल से दूरी बनाए रखें। इतना ही नहीं, करीब एक वर्ष पहले गांव में 50 लाख रुपये की लागत से एक अत्याधुनिक जिम भी बनाया गया, जहां गांव के युवा निशुल्क व्यायाम करते हैं। इस जिम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को फिटनेस के प्रति जागरूक करना और उन्हें नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रखना है। गांव की इस पहल को पंजाब में एक अनूठी मिसाल माना जा रहा है। यह संभवतः राज्य का पहला ऐसा गांव है, जहां विकास कार्यों से पहले नई पीढ़ी के उज्ज्वल भविष्य और उनके सर्वांगीण विकास को प्राथमिकता दी गई है। खेल प्रशिक्षण को बेहतर बनाने के लिए गांव में तीन प्रशिक्षकों की नियुक्ति की गई है। इसके साथ ही बच्चों को खेल की ड्रेस, जूते और प्रतिदिन पौष्टिक आहार भी पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध कराया जाता है, ताकि आर्थिक स्थिति किसी भी बच्चे की प्रतिभा के आड़े न आए। सरपंच के पति दीप शर्मा ने बताया कि उनकी धर्मपत्नी के सरपंच बनने के बाद उन्होंने सबसे पहले गांव की नई पीढ़ी और युवाओं को सही दिशा देने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार के सहयोग से ग्राम पंचायत ने करीब 25 लाख रुपये की लागत से एक खेल मैदान तैयार कराया, जहां आज गांव के लगभग 100 बच्चे नियमित रूप से फुटबॉल का प्रशिक्षण ले रहे हैं। उन्होंने बताया कि मैदान में आने वाले सभी बच्चे मोबाइल फोन से दूर रहकर खेलों में अपना समय दे रहे हैं। जब बच्चों के माता-पिता बताते हैं कि उनके बच्चे अब खेलों की ओर आकर्षित हो रहे हैं और अच्छी आदतें अपना रहे हैं, तो उन्हें बेहद खुशी होती है। उनका मानना है कि गांव की नई पीढ़ी सही दिशा में आगे बढ़ रही है। दीप शर्मा ने आगे बताया कि पिछले साल करीब 50 लाख रुपये की लागत से गांव में एक आधुनिक जिम भी बनाया गया, जो पूरी तरह निःशुल्क है। गांव का कोई भी व्यक्ति यहां आकर व्यायाम कर सकता है। उन्होंने कहा कि गांव के युवा नशे से दूर रहकर अपनी सेहत और फिटनेस पर ध्यान दे रहे हैं, जो गांव के लिए गर्व की बात है। उहोंने बताय की हमारे बड़े भाई जो कि एन आर आई जिन्होंने दिव्या ग्रेस फाउंडेशन चलाता हे उनका भी योगदान हे।

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