मोगा में डीसी दफ्तर के बाहर अध्यापकों और किसान संगठनों ने सरकार व जिला प्रशासन के खिलाफ जोरदार रोष प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन 14 दिसंबर को चुनावी ड्यूटी के दौरान हुए दर्दनाक सड़क हादसे में अध्यापक दंपती जसकरण सिंह और कमलजीत कौर की मौत के विरोध में किया गया। मृतक दंपती को इंसाफ दिलाने के लिए विभिन्न अध्यापक यूनियनों और किसान संगठनों ने मिलकर डीसी दफ्तर के बाहर धरना दिया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से मांग की कि मृतक दंपती के बेटे और बेटी की पूरी पढ़ाई का खर्च सरकार उठाए, पढ़ाई पूरी होने के बाद दोनों को सरकारी नौकरी दी जाए और परिवार को 4 करोड़ रुपये मुआवजा दिया जाए। डीटीएफ के सूबा प्रधान दिग्विजय पाल शर्मा ने कहा कि यह हादसा सरकार और जिला प्रशासन की लापरवाही के कारण हुआ है। चुनावी ड्यूटी पर जाते समय दो अध्यापक मौत के मुंह में चले गए, जबकि उनके घर में दो छोटे बच्चे हैं, जिनकी देखभाल करने वाला कोई नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने मांगें नहीं मानीं तो रोष धरना अनिश्चितकाल तक जारी रहेगा। इसके साथ ही यूनियनों ने यह भी मांग रखी कि अध्यापकों की चुनावी ड्यूटी उनके अपने क्षेत्र में ही लगाई जाए, ताकि किसी को परेशानी न हो। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द कोई ठोस फैसला नहीं लिया तो वे चुनाव की मतगणना का भी बहिष्कार करेंगे और सड़कों पर उतरकर बड़ा आंदोलन करेंगे।मोगा से शुरुआत की गई अगला संघर्ष पूरे पंजाब में होगा