विजिलेंस ब्यूरो पठानकोट ने रिश्वतखोरी के मामले में धारकलां पुलिस थाने के एसएचओ गुलशन कुमार को एक लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था। सोमवार को विजिलेंस ने आरोपी को अदालत में पेश किया, जहां से उसे दो दिन का पुलिस रिमांड हासिल हुआ। विजिलेंस अब आरोपी से पूछताछ कर मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच कर रही है। मामला एक रेस्टोरेंट में हुई मारपीट के बाद दर्ज केस में शिकायतकर्ता को फंसाने और उसका नाम निकलवाने के बदले कथित तौर पर रिश्वत मांगने से जुड़ा है। शिकायतकर्ता नंद किशोर निवासी अमृतसर ने विजिलेंस ब्यूरो रेंज अमृतसर के अधिकारियों को दी शिकायत में आरोप लगाया कि एसएचओ ने उससे पांच लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। बाद में कथित तौर पर ढाई लाख रुपये में सौदा तय हुआ। शिकायत के अनुसार, आरोपी पहले भी पांच हजार रुपये ले चुका था। रेस्टोरेंट में मारपीट के बाद शुरू हुआ मामला शिकायतकर्ता नंद किशोर के अनुसार, उसका रेस्टोरेंट गांव ढांगू सरा, तहसील धारकलां, डलहौजी रोड, जिला पठानकोट में स्थित है, जहां उसका छोटा भाई काम करता है। 14 अक्टूबर को लखविंदर कुमार निवासी गांव सारटी अपने एक दोस्त के साथ रेस्टोरेंट में आया था। इस दौरान मामूली बात को लेकर दोनों के बीच झगड़ा हो गया और कथित तौर पर वेटरों के साथ मारपीट की गई। झगड़े में दोनों पक्षों के लोगों को मामूली चोटें आईं। शिकायतकर्ता के मुताबिक, बाद में पुलिस थाना धारकलां में लखविंदर कुमार के बयानों के आधार पर रेस्टोरेंट में काम करने वाले कृष्णा और तीन अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 115(2), 118(1) और 3(5) के तहत 15 अक्टूबर को मुकदमा नंबर 20 दर्ज किया गया। नाम केस से निकलवाने के बदले पांच लाख मांगने का आरोप नंद किशोर ने आरोप लगाया कि मामले में उसे मधुबन होटल का मालिक बताते हुए उसकी संलिप्तता को लेकर पूछताछ की बात कही गई। इसके बाद 16 अक्टूबर को वह थाना प्रभारी गुलशन कुमार से मिलने थाने पहुंचा और खुद को निर्दोष बताते हुए मामले में अपना नाम गलत तरीके से जोड़े जाने की बात कही। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इस दौरान एसएचओ ने उसका नाम मुकदमे से निकलवाने के बदले पांच लाख रुपये रिश्वत की मांग की। उस समय उसके पास पांच हजार रुपये थे, जो उसने कथित तौर पर आरोपी को दे दिए। बातचीत की रिकॉर्डिंग के बाद विजिलेंस ने बिछाया जाल शिकायत के अनुसार, 18 अक्टूबर को शाम करीब 7:30 बजे इंस्पेक्टर गुलशन कुमार ने उसे व्हाट्सएप कॉल की। नंद किशोर ने इतनी बड़ी रकम देने में असमर्थता जताई तो कथित तौर पर बातचीत के बाद रिश्वत की आधी रकम यानी ढाई लाख रुपये देने की बात तय हुई। उसे 19 अक्टूबर को धारकलां थाने के पास स्थित आरोपी के क्वार्टर में पैसे लेकर आने को कहा गया। शिकायतकर्ता ने दावा किया कि उसने इस बातचीत की रिकॉर्डिंग अपनी पत्नी के फोन में कर ली और बाद में उसे पेन ड्राइव में डालकर विजिलेंस अधिकारियों को सौंप दिया। इसके बाद विजिलेंस ब्यूरो पठानकोट ने शिकायत के आधार पर जाल बिछाया और एसएचओ गुलशन कुमार को एक लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल आरोपी दो दिन के विजिलेंस रिमांड पर है। विजिलेंस अधिकारियों द्वारा उससे पूछताछ कर मामले की आगे जांच की जा रही है। आरोपी के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।