पंजाब में सफाई कर्मचारियों की राज्यव्यापी हड़ताल अब 11वें दिन में पहुंच गई है। एक ओर शहरों में कूड़े के ढेर लगने से आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, दूसरी ओर कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर आंदोलन और तेज करते हुए सरकार के खिलाफ खुलकर मोर्चा खोल रहे हैं। इसी कड़ी में शुक्रवार को सफाई कर्मचारियों ने पंजाब सरकार के पुतले फूंककर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सरकार उनकी जायज मांगों पर ध्यान देने की बजाय आंदोलन को दबाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने संगरूर में शांतिपूर्ण धरने पर बैठे कर्मचारियों पर हुए कथित लाठीचार्ज की कड़ी निंदा करते हुए इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला बताया। कर्मचारी नेता कुलदीप कुमार ने कहा कि वे लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन सरकार की ओर से अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई। उनका कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। इस बीच पंजाब सबऑर्डिनेट सर्विसेज फेडरेशन ने भी आंदोलन को अपना समर्थन दोहराया। फेडरेशन के नेता सिमरनजीत सिंह ने कहा कि सरकार को टकराव की बजाय बातचीत का रास्ता अपनाकर सफाई कर्मचारियों की मांगों का समाधान करना चाहिए, ताकि कर्मचारी काम पर लौट सकें और जनता को भी राहत मिल सके।