जगराओं के वीर जवान सिकंदर सिंह का सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार ड्यूटी के दौरान दिल का दौरा पड़ने से जान गंवाने वाले गांव गगड़ा के वीर जवान नायक टीएस सिकंदर सिंह का पार्थिव शरीर शुक्रवार तड़के उनके पैतृक गांव पहुंचा। जैसे ही तिरंगे में लिपटा पार्थिव शरीर घर पहुंचा, पूरे गांव का माहौल गमगीन हो गया। परिजनों की चीख-पुकार सुनकर वहां मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं। पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। सिकंदर सिंह के भाई ने उन्हें मुखाग्नि दी। सेना के जवानों ने सलामी देकर अपने साथी को अंतिम विदाई दी, जबकि हजारों लोगों ने नम आंखों से अपने वीर सपूत को श्रद्धांजलि अर्पित की। सिकंदर सिंह की पत्नी अपने पति के पार्थिव शरीर से लिपटकर बिलख-बिलखकर रोती रही। उनके आंसू वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम कर गए।सिकंदर सिंह अपने पीछे दो मासूम बेटियां छोड़ गए हैं। एक बेटी करीब एक वर्ष और दूसरी दो वर्ष की है। दोनों नन्हीं बच्चियों को अभी यह भी समझ नहीं था कि उनके पिता अब हमेशा के लिए उन्हें छोड़कर जा चुके हैं। बड़ी बेटी बार-बार तिरंगे में लिपटे पार्थिव शरीर को देखकर मासूमियत से "पापा... पापा..." पुकारती रही। गांव गगड़ा ने अपने बहादुर बेटे को नम आंखों से अंतिम विदाई दी। हर किसी की जुबान पर यही था कि देश ने एक कर्तव्यनिष्ठ सैनिक खो दिया, जबकि परिवार ने अपना सहारा।