फिरोजपुर के हुसैनीवाला बॉर्डर से सटे गांव जल्लोके में किसान इन दिनों मक्का की फसल की कटाई में जुटे हुए हैं। गांव निवासी किसान किक्कर सिंह ने बताया कि उन्होंने गेहूं की फसल काटने के बाद खेतों में मक्का की बुआई की थी, लेकिन इस बार मक्का की फसल से अपेक्षित लाभ नहीं मिला। किक्कर सिंह ने कहा कि मक्का की कटाई के लिए मजदूर आसानी से नहीं मिल रहे हैं। मजदूरों की कमी के कारण किसानों को फसल की कटाई करवाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा गेहूं की कटाई के बाद बोई गई मक्का की फसल की पैदावार भी कम रही है। उन्होंने बताया कि इस बार प्रति एकड़ करीब 45 मन मक्का का झाड़ मिला है, जो किसानों की उम्मीद से काफी कम है। उन्होंने बताया कि यदि मक्का की फसल आलू और मटर की फसल के बाद लगाई जाए तथा गेहूं की बुआई से पहले बिजी जाए तो प्रति एकड़ करीब 100 मन तक पैदावार मिल सकती है। किसान के अनुसार इस मौसम में अधिक गर्मी पड़ने के कारण मक्का की फसल का विकास प्रभावित हुआ और पैदावार कम रही। कम झाड़ और मजदूरों की कमी के चलते किसानों को आर्थिक नुकसान की चिंता सता रही है।