पठानकोट के रहने वाले ब्रिगेडियर बिक्रम सैनी को युद्ध सेवा मेडल से नवाजा गया है। इन्होंने अपनी प्रारम्भिक शिक्षा पठानकोट के एक निजी स्कूल से की। जबकि उच्च शिक्षा स्थानीय एक कालेज से प्राप्त की। 8 जून 1996 को भारतीय सेना की 14 पंजाब रेजिमेंट में बतौर सैन्य अधिकारी नियुक्त अपने सैन्यकाल के प्रारंभिक वर्षों में इन्होंने एनएसजी में अपनी सेवाएं दी। इनकी कर्तव्यनिष्ठा को देखते हुए जम्मू और कश्मीर में 22 राष्ट्रीय राइफल को नेतृत्व करने का अवसर प्रदान हुआ। इस नेतृत्व कार्यकाल के दौरान इन्होंने कई सफल सैन्य ऑपरेशनो को अंजाम देते हुए सोपोर में लश्कर-ए-तैयबा (एनसीटी) आंतकवादी संगठन का सफाया किया। जिसके परिणामस्वरूप इनको 26 जनवरी 2013 को सेना मेडल और 26 जनवरी 2014 को विशिष्ट सेवा मेडल से नवाजा गया। इनके इस कभी ना हार मानने वाले और अपनी सूझ बूझ सही निर्णय लेने की काबलियत को देखते हुए इन्हें युद्ध सेवा मेडल से 26 जनवरी 2025 को प्रदान किया गया, जिसका अलंकरण समारोह उमरोई मिलिट्री स्टेशन मेघायल में किया गया। इसी दौरान ब्रिगेडियर विक्रम सैनी को यह पदभार सौंपा गया है। इस मौके पठानकोट से कांग्रेस के जिलाध्यक्ष पन्ना लाल भाटिया, आप नेता सुरिंदर राही, वारियर्स सोशल वेलफेयर सर्विस क्लब के अध्यक्ष सुशील महिंद्र, सुमीर शारदा और क्लब सदस्यों समेत अन्य लोगों ने उन्हें बधाई दी और भारतीय सेना का आभार जताया।