संयुक्त कि मोर्चा के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर बुधवार को भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां ने केंद्र और पंजाब सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उगराहां के कार्यकर्ताओं और किसान नेताओं ने संगरूर के कालाझाड़ टोल प्लाज़ा को पूरी तरह फ्री करवाकर केंद्र व राज्य सरकार की नीतियों के खिलाफ जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। धरने को संबोधित करते हुए यूनियन के महासचिव दरबारा सिंह छाजला और जगतार सिंह कालाझाड़ ने कहा कि केंद्र सरकार वैश्विक दबाव में आकर किसान विरोधी फैसले ले रही है, जो देश के कृषि क्षेत्र के लिए बेहद घातक साबित होंगे। किसान नेता दरबारा सिंह छाजला ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि एक तरफ देश को दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ सरकार अमेरिका के आगे घुटने टेक रही है। केंद्र सरकार अमेरिका जैसे देशों के साथ जो व्यापारिक समझौते करने जा रही है, वे देश के किसानों और आम जनता के लिए 'मौत के वारंट' के समान हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ये समझौते लागू हुए, तो देश की किसानी पूरी तरह बर्बाद हो जाएगी। इसका सीधा असर छोटे व्यापारियों और मजदूर वर्ग पर पड़ेगा और देश में भुखमरी जैसी स्थिति पैदा हो जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि आज का टोल फ्री प्रदर्शन सिर्फ एक 'संकेतिक चेतावनी' है। यदि केंद्र सरकार ने ये समझौते वापस नहीं लिए, तो आने वाले समय में इससे भी बड़ा और तेज आंदोलन छेड़ा जाएगा। केंद्र सरकार के साथ-साथ किसान नेताओं ने पंजाब की भगवंत मान सरकार को भी आड़े हाथों लिया। नेताओं ने पंजाब सरकार की 'लैंड पूलिंग पॉलिसी' की कड़ी निंदा करते हुए आरोप लगाया कि कॉर्पोरेट घरानों के इशारे पर सरकार किसानों की जमीनों को हड़पने की साजिश रच रही है। उन्होंने कहा कि जनता के भारी विरोध के कारण पहले इस नीति को वापस लेना पड़ा था, लेकिन अब कॉर्पोरेट्स के दबाव और फंड की नीयत से इसे दोबारा लागू करने की कोशिश की जा रही है। किसान नेताओं ने साफ लहजे में चेतावनी दी कि इस जनविरोधी पॉलिसी को किसी भी कीमत पर पंजाब में लागू नहीं होने दिया जाएगा।