मोगा में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए विजिलेंस विभाग की टीम ने वीरवार दोपहर मिनी सचिवालय परिसर में 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते नहरी विभाग के दो फोर्थ क्लास कर्मचारियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत मामला दर्ज किया गया है। विजिलेंस विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, फिरोजपुर के तलवंडी भाई निवासी सोनी ने शिकायत दी थी कि मोगा के नहरी विभाग में तैनात फोर्थ क्लास कर्मचारी वीर सिंह और जगदेव सिंह ने उसके बेटे मोहित को नहरी विभाग में ही क्लास फोर की नौकरी लगवाने का भरोसा दिया था। आरोप है कि दोनों ने नौकरी लगवाने के लिए 6 लाख रुपये की मांग की और अपनी चंडीगढ़ तक पहुंच होने की बात कही। शिकायतकर्ता के अनुसार, वह दोनों कर्मचारियों को करीब साढ़े पांच लाख रुपये पहले ही दे चुका था, लेकिन इसके बावजूद उसके बेटे को नौकरी नहीं मिली और आरोपी लगातार उसे टालते रहे। बाद में दोनों ने उससे 50 हजार रुपये और मांगे। इसके बाद शिकायतकर्ता ने विजिलेंस विभाग को लिखित शिकायत दी। शिकायत के आधार पर विजिलेंस टीम ने कार्रवाई की योजना बनाई और दोनों कर्मचारियों को मिनी सचिवालय में पैसे लेने के लिए बुलाया गया। जैसे ही दोनों आरोपियों ने 50 हजार रुपये की रिश्वत पकड़ी, पहले से तैयार विजिलेंस टीम ने उन्हें सरकारी गवाहों की मौजूदगी में रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। फिरोजपुर विजिलेंस के एसएसपी जगत प्रीत सिंह के दिशा-निर्देशों पर डीएसपी विजिलेंस मोगा सोहन सिंह, इंस्पेक्टर राजेंद्र सिंह, अमन सिंह समेत विजिलेंस टीम ने कार्रवाई को अंजाम दिया। विजिलेंस विभाग ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत मामला दर्ज कर लिया है। दोनों आरोपियों को 21 अगस्त को अदालत में पेश किया जाएगा।