फिरोजपुर के भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय हुसैनीवाला बार्डर स्थित शहीद-ए-आजम भगत सिंह, राजगुरु व सुखदेव की समाधि पर 23 मार्च को शहीदी मेला लगाया जाएगा। यहां पर 23 मार्च को मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान शहीदों की समाधि पर श्रद्धांजलि देने आ रहे हैं। हुसैनीवाला गांव भारत-पाकिस्तान बंटवारे के दौरान पाकिस्तान के हिस्से में आ गया था। काफी साल पाकिस्तान में ये शहीदी स्मारक रहा। उसके बाद शहीदों के परिजनों ने तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू को एक पत्र लिखकर हुसैनीवाला को वापस लेने की गुहार लगाई। भारत ने 1962 में पाकिस्तान के साथ एक समझौता किया। हुसैनीवाला लेने के लिए भारत ने फाजिल्का की तरफ से पाकिस्तान को बारह गांव दिए और हुसैनीवाला वापस लिया। अब हर साल 23 मार्च को यहां राज्यस्तरीय शहीदी मेला लगाया जाता है।