पंजाब के लगभग 2500 आयुष्मान आरोग्य केंद्रों में सेवाएं दे रहे कम्युनिटी हेल्थ अफसर (सीएचओ) आज से पूर्ण हड़ताल पर चले गए हैं। इसके कारण पंजाब के हजारों गांवों में चल रहे आयुष्मान आरोग्य केंद्रों की सेवाएं प्रभावित हुई हैं। पंजाब भर के सभी सीएचओ ने अपने-अपने जिलों के सिविल सर्जन कार्यालयों के आगे रोष प्रदर्शन करते हुए पंजाब सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। पठानकोट में भी सभी सीएचओ सिविल सर्जन कार्यालय समक्ष हड़ताल पर बैठे रहे। मरिज प्राइवेट और क्लिनिको पर जाने के लिए मजबूर हुए। वही सिविल अस्पताल पठानकोट में भी चेकअप करवाने आए लोगों की भारी भीड़ देखने को मिली। इन प्रदर्शन कारियों की हड़ताल से कहीं ना कहीं आम जनता हताश हो रही है। .......................... डॉ विमुक्त और अन्य प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार ने सीएचओ के साथ बड़ा विश्वासघात और धोखा किया है। कई दौर की बैठकों में सरकार द्वारा 5000/- वेतन में वृद्धि करने का भरोसा दिया गया था, परंतु दिनांक 22/07/2026 को जारी पत्र के माध्यम से इसे वेतन में शामिल करने की बजाय इंसेंटिव के रूप में जारी कर दिया गया और इसके साथ बेंचमार्क की शर्त जोड़ दी गई। इसके बाद दिनांक 04/08/2026 को जारी नई गाइडलाइन्स में और भी ऐसी शर्तें लगा दी गई हैं, जिन्हें पूरा करना लगभग असंभव है। यूनियन का कहना है कि यह सारा फैसला सीएचओ को वास्तविक वित्तीय लाभ से वंचित रखने की कोशिश है। नेताओं ने कहा कि आज पंजाब भर में रोष प्रदर्शनों के दौरान नई जारी की गई गाइडलाइन्स की प्रतियां भी जलाई गईं, ताकि सरकार की वादा-खिलाफी और कर्मचारी विरोधी नीतियों के खिलाफ अपना कड़ा विरोध दर्ज करवाया जा सके। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ये गाइडलाइन्स सीएचओ के हितों की रक्षा करने की बजाय उनके अधिकारों को कमजोर करने वाली हैं। यूनियन को शक है कि यह नीति सीएचसी के हितों के विपरीत सोच के तहत तैयार की गई है। यूनियन ने मांग की कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करवाई जाए और यदि किसी अधिकारी या एचडब्ल्यूसी लीड कंसल्टेंट की भूमिका रही है तो उसकी भी जांच करके बनती कार्रवाई की जाए। ....................... नेताओं ने कहा कि 5000 रुपए वेतन में स्थायी वृद्धि, लॉयल्टी बोनस, सीएचओ का रेगुलर कैडर सैंक्शन करना, वेतन और इंसेंटिव को मर्ज करना सहित अन्य मांगें आज भी लंबित हैं। यूनियन द्वारा कई बार पत्र लिखकर मीटिंग के लिए समय मांगा गया ताकि बातचीत के माध्यम से समस्या का हल हो सके, परंतु सरकार और विभाग ने कोई गंभीरता नहीं दिखाई। यूनियन ने ऐलान किया कि 10 अगस्त 2026 को नेशनल हेल्थ मिशन, पंजाब के मुख्य दफ्तर, चंडीगढ़ में पंजाब भर से हजारों सीएचओ विशाल रोष धरना देंगे। यदि उसके बाद भी सरकार ने अपनी वादा-खिलाफी जारी रखी तो संघर्ष को और भी तेज किया जाएगा। नेताओं ने कहा कि आज गांवों की 2500 आयुष्मान आरोग्य केंद्र डिस्पेंसरियां बंद होने की नौबत सीएचओ के कारण नहीं, बल्कि पंजाब सरकार की लारेबाजी, वादा-खिलाफी और कर्मचारी विरोधी नीतियों के कारण आई है। इससे पैदा हुई स्थिति और लोगों को होने वाली असुविधा की पूरी जिम्मेदारी पंजाब सरकार और स्वास्थ्य विभाग की होगी। मुख्य मांगें: 1. 5000 वेतन में स्थायी वृद्धि 2. लॉयल्टी बोनस 3. सीएचओ का रेगुलर कैडर 4. वेतन + इंसेंटिव को मर्ज करना अगला कदम: 10 अगस्त 2026 को एन एच एम मुख्यालय चंडीगढ़ में विशाल धरना।