केंद्रीय रेल एवं खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने सतलुज फिल्म पर आपत्ति जताई है। बुधवार को जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन का निरीक्षण करने के दाैरान उन्होंने कहा कि खालड़ा की गिरफ्तारी से पहले मेरे दादा बेअंत सिंह शहीद हो चुके थे, ऐसे में उनका फिल्म में कोई रोल नहीं हो सकता। बिट्टू ने सतलुज फिल्म को लेकर कहा कि लोग उनके खिलाफ बोलने के लिए कुछ न कुछ ढूंढते हैं। इससे उनकी दुकानदारी चलती है। उन्होंने कहा कि किसी को इस फिल्म के बारे में कुछ नहीं पता। यह फिल्म दलजीत दोसांझ के बड़े नाम के कारण देखी जा रही है। उन्होंने कहा कि किसी को खालड़ा साहिब से कोई लेना-देना नहीं है। आज तक कोई खालड़ा साहिब को नहीं जानता था। बिट्टू ने कहा कि फिल्म पर बात इसलिए हो रही है क्योंकि दलजीत दोसांझ इससे जुड़े हैं। उनके पैसे और कमाई इसमें लगी है। यह एक तरह का प्रॉपेगैंडा है। बिट्टू ने कहा कि दलजीत ने फिल्म पंजाबी और हिंदी मिलाकर बनाई है। उन्हें उस समय के हालात की जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि लोग उनके बारे में इसलिए बात कर रहे हैं क्योंकि शहीद बेअंत सिंह उनके दादा हैं। वे अमन-शांति की परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं।