21 जुलाई 2006 का वह दिन आज भी लोगों के जेहन में ताजा है, जब पूरे देश की नजरें कुरुक्षेत्र के शाहाबाद क्षेत्र के गांव हल्देहड़ी के चार वर्षीय मासूम प्रिंस पर टिकी थीं। करीब 60 फीट गहरे बोरवेल में गिरने के बाद उसे सुरक्षित निकालने के लिए भारतीय सेना ने लगभग 50 घंटे तक लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया था। उस दौरान देशभर के लोग उसकी सलामती की दुआ कर रहे थे। सेना ने जब प्रिंस को सुरक्षित बाहर निकाला, तो पूरे देश ने राहत की सांस ली थी।करीब 20 साल बाद वही प्रिंस अब 24 वर्ष का युवा बन चुका है और अपनी जिंदगी संवारने की जद्दोजहद में जुटा है। अंबाला स्थित आईटीआई से प्लंबिंग में डिप्लोमा करने के बाद वह रोजगार की तलाश कर रहा है, ताकि अपने परिवार का सहारा बन सके। प्रिंस का कहना है कि उसका सपना भारतीय सेना में भर्ती होकर देश सेवा करने का था, लेकिन वह इसमें सफल नहीं हो पाया। फिलहाल वह बेरोजगारी का सामना कर रहा है और एक बेहतर नौकरी की तलाश में है। वह बताता है कि बोरवेल में गिरने की घटना आज भी उसके मन में ताजा है। उस भयावह अनुभव को याद करते ही वह सहम जाता है। हालांकि, वह भारतीय सेना और देशवासियों का दिल से आभार व्यक्त करता है, जिन्होंने उसकी जान बचाने के लिए हर संभव प्रयास किया और उसके लिए प्रार्थनाएं कीं।