पंजाब और हरियाणा की सीमा पर स्थित शंभू बॉर्डर पर शुक्रवार को उस समय तनाव की स्थिति बन गई, जब कौमी इंसाफ मोर्चा और विभिन्न किसान संगठनों ने बंदी सिखों की रिहाई की मांग को लेकर दिल्ली कूच का प्रयास किया। हालांकि, पुलिस की व्यापक नाकेबंदी और प्रशासन के साथ बातचीत के बाद, मोर्चा ने अपना धरना समाप्त करने का ऐलान कर दिया। राष्ट्रीय इंसाफ मोर्चा और किसान संगठनों की ओर से शुक्रवार को शंभू बैरियर तक रोष मार्च निकाला जाएगा, जिसके बाद वह दिल्ली के लिए कूच करेंगे। किसान नेता रणजीत सिंह सवाजपुर ने बताया कि जेलों में बंद बंदी सिंहों की रिहाई की मांग को लेकर दिल्ली की तरफ कूच किया जाएगा। इसके मद्देनजर पुलिस प्रशासन की ओर से ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की गई है। कौमी इंसाफ मोर्चे को पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत बंदी सिखों की रिहाई के लिए 14 नवंबर को शंभू बॉर्डर से दिल्ली जाना था। लेकिन, सुबह से ही शंभू बॉर्डर पर पंजाब व हरियाणा पुलिस की भारी नाकेबंदी और बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती ने उनके मार्च को आगे बढ़ने से रोक दिया।